Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
कंगाल पाकिस्तान के पास बचा सिर्फ कुछ दिनों का तेल: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 'फटे पोस्टर' जैसा हुआ हाल, भारत से की तुलना

कंगाल पाकिस्तान के पास बचा सिर्फ कुछ दिनों का तेल: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 'फटे पोस्टर' जैसा हुआ हाल, भारत से की तुलना

Girls Globe 2 weeks ago

क ओर जहां पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की बातें कर खुद को 'पोस्टर बॉय' साबित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी अपनी आंतरिक स्थिति 'फटे पोस्टर' जैसी हो गई है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है कि उसके पास संकट से निपटने के लिए भारत जैसा कोई ‘रणनीतिक भंडार’ नहीं है।

पाकिस्तान के पास सिर्फ 7 दिनों का तेल स्टॉक

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने एक टीवी इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। मलिक के अनुसार, पाकिस्तान के पास फिलहाल केवल 5 से 7 दिनों का ही कच्चे तेल का भंडार बचा है। रिफाइंड ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बात करें तो तेल कंपनियों के पास करीब 20 दिनों का स्टॉक मौजूद है।

यह स्थिति तब है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। पाकिस्तान के पास कोई बड़ा ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ नहीं है, जिसके कारण सप्लाई रुकते ही देश में पहिए थमने की नौबत आ सकती है।

भारत के मजबूत तेल भंडार से पाक को लगी मिर्ची

पाकिस्तानी मंत्री ने भारत की आर्थिक योजना और तेल भंडारण क्षमता की जमकर तारीफ की, जो पाकिस्तान की लाचारी को साफ दर्शाता है। उन्होंने माना कि:

  • भारत के पास करीब 60 से 70 दिनों का रणनीतिक और व्यावसायिक तेल भंडार है।

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना मजबूत है कि वह आपात स्थिति में कीमतों को नियंत्रित कर सकता है।

  • पाकिस्तान के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे वह लंबे समय तक तेल की सप्लाई सुनिश्चित कर सके।

IMF की बेड़ियां और ₹378 प्रति लीटर पेट्रोल

पाकिस्तान की माली हालत इतनी खराब है कि वह चाहकर भी अपनी जनता को राहत नहीं दे पा रहा है। IMF (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की कड़ी शर्तों के कारण सरकार को ईंधन पर भारी टैक्स वसूलना पड़ रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 378 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। हालांकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मामूली कटौती की है, लेकिन बढ़ती महंगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट रहा है। ऊर्जा संकट के चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है।

होर्मुज संकट ने बढ़ाई धड़कनें

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण कड़ा करने की खबरों ने पाकिस्तान की चिंता और बढ़ा दी है। दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अगर ईरान इस रास्ते को बाधित करता है, तो पाकिस्तान जैसे देश, जो पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं, पूरी तरह तबाह हो सकते हैं। पाकिस्तान अब अपनी उम्मीदें केवल IMF और कुछ अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी योजनाओं पर टिकाए हुए है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Girls Globe Hindi