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केरल में रूह कंपा देने वाली घटना आवारा कुत्ते के काटने से मासूम की मौत, इलाज में लापरवाही पर 4 डॉक्टरों के खिलाफ FIR के आदेश

केरल में रूह कंपा देने वाली घटना आवारा कुत्ते के काटने से मासूम की मौत, इलाज में लापरवाही पर 4 डॉक्टरों के खिलाफ FIR के आदेश

Girls Globe 3 weeks ago

News India Live, Digital Desk: केरल से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने पूरे देश के स्वास्थ्य तंत्र और नागरिक सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक मासूम बच्चे की आवारा कुत्ते के काटने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब इस मामले में अस्पताल के 4 डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला? मासूम ने तोड़ा दम

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले मासूम बच्चे को एक आवारा कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया था। आनन-फानन में परिजन उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उसे प्राथमिक उपचार और रेबीज के टीके लगाए जाने थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इलाज में देरी की। बच्चे की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती गई और अंततः उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

कोर्ट का सख्त रुख: डॉक्टरों पर गिरेगी गाज

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए कानूनी रास्ता अपनाया। मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितियों का संज्ञान लिया। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया डॉक्टरों की ओर से प्रोटोकॉल का पालन करने में कोताही बरती गई है। अदालत ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि उन 4 डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, जो उस दौरान ड्यूटी पर थे और बच्चे के इलाज के लिए जिम्मेदार थे।

केरल में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक

यह घटना केरल में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और उससे जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को फिर से सुर्खियों में ले आई है। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कुत्ता काटने की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है। हालांकि सरकार ने नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाने के दावे किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मासूमों की जान जाना जारी है। इस मामले ने ‘रेबीज’ के इलाज के लिए उपलब्ध सुविधाओं और अस्पतालों की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Girls Globe Hindi