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Pregnancy Test Positive Diet Tips: प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही क्या खाएं और क्या नहीं, जानें पहले 3 महीनों में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां और एक्सपर्ट की सलाह

Pregnancy Test Positive Diet Tips: प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही क्या खाएं और क्या नहीं, जानें पहले 3 महीनों में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां और एक्सपर्ट की सलाह

Girls Globe 1 week ago

र पर प्रेगनेंसी टेस्ट किट में दो गुलाबी लाइनें देखना यानी प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आना किसी भी महिला और उसके परिवार के लिए जीवन के सबसे खुशनुमा पलों में से एक होता है। लेकिन इस बड़ी खुशखबरी के साथ ही एक नई और बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी की शुरुआत भी हो जाती है।

गर्भावस्था की पहली तिमाही (First Trimester – शुरुआती 1 से 12 हफ्ते) शिशु के शारीरिक अंगों के निर्माण और भ्रूण (Embryo) के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय मानी जाती है। ऐसे में प्रेगनेंसी कन्फर्म होते ही महिला की खान-पान की आदतें और जीवनशैली सीधे तौर पर गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynecologists) के अनुसार, शुरुआती दिनों में की गई छोटी सी लापरवाही या खान-पान की गलतियां गर्भपात (Miscarriage) या भ्रूण के असामान्य विकास का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही क्या खाना चाहिए, किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और कौन सी गलतियां भारी पड़ सकती हैं।

प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही तुरंत खाएं ये पौष्टिक चीजें

गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में शरीर को अतिरिक्त पोषण, विटामिन्स और मिनरल्स की आवश्यकता होती है। भ्रूण के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और मस्तिष्क के विकास के लिए डाइट में निम्नलिखित सुपरफूड्स शामिल करना बेहद जरूरी है:

  • फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ: फोलिक एसिड बच्चे को रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क से जुड़ी जन्मजात बीमारियों (Neural Tube Defects) से बचाता है। अपनी खुराक में हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी), बीन्स, दालें, और अंकुरित अनाज तुरंत शामिल करें।

  • ताजे फल और सब्जियां: संतरे, सेब, अनार, अमरूद और बेरीज जैसे मौसमी फल खाएं। इनसे शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है।

  • डेयरी प्रोडक्ट्स (कैल्शियम व प्रोटीन): बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए पर्याप्त कैल्शियम चाहिए। इसके लिए पाश्चुरीकृत (Pasteurized) दूध, ताजा दही, पनीर और छाछ का नियमित सेवन करें।

  • सूखे मेवे (Dry Fruits): भीगे हुए बादाम, अखरोट और खजूर का सेवन करें। अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड भ्रूण के दिमागी विकास के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

  • भरपूर पानी और तरल पदार्थ: शुरुआती हफ्तों में डिहाइड्रेशन, कब्ज और मॉर्निंग सिकनेस (उल्टी/जी मिचलाना) से बचने के लिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीएं। आप नारियल पानी और ताजे फलों का जूस भी ले सकते हैं।

भूलकर भी न खाएं ये चीजें: भ्रूण के लिए हो सकती हैं बेहद खतरनाक

शुरुआती प्रेगनेंसी में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनकी तासीर बहुत गर्म होती है या जिनमें मौजूद तत्व गर्भाशय (Utuerus) में संकुचन पैदा कर सकते हैं। इनसे तुरंत दूरी बना लें:

  • कच्चा पपीता और अनानास (Pineapple): कच्चे या अधपके पपीते में लेटेक्स (Latex) और पपेन होता है, जो गर्भाशय में संकुचन (Contractions) शुरू कर सकता है। वहीं अनानास में ब्रोमेलैन (Bromelain) एंजाइम होता है जो गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) को नरम बनाकर गर्भपात का खतरा बढ़ाता है।

  • अधपका या कच्चा मांस और अंडे: कच्चे या अधपके मांस, सी-फूड और कच्चे अंडों में साल्मोनेला (Salmonella) और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो गंभीर इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। हमेशा अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं।

  • कैफीन की अधिक मात्रा: चाय, कॉफी, डार्क चॉकलेट और एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन पाया जाता है। प्रेगनेंसी में अत्यधिक कैफीन का सेवन भ्रूण की हृदय गति को प्रभावित कर सकता है और लो बर्थ वेट का कारण बन सकता है। दिन भर में एक कप से ज्यादा चाय/कॉफी न पीएं।

  • अंकुरित कच्चे अनाज (Raw Sprouts): हालांकि अंकुरित अनाज फायदेमंद होते हैं, लेकिन उन्हें बिना उबाले या कच्चा खाने से बचें, क्योंकि इनमें ई-कोलाई या बैसिलस बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है।

  • जंक फूड और ज्यादा मसालेदार भोजन: डिब्बाबंद (Processed) खाना, चाइनीज फूड (अजीनोमोटो युक्त) और अत्यधिक तला-भुना खाना खाने से एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद अक्सर महिलाएं जाने-अनजाने कुछ गलतियां कर बैठती हैं, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी साबित होती हैं:

  • 1. डॉक्टर से परामर्श में देरी और खुद से दवा लेना (Self-Medication): कई महिलाएं टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद कई हफ्तों तक डॉक्टर के पास नहीं जातीं या सिरदर्द/उल्टी होने पर पुरानी पेनकिलर या एंटीबायोटिक्स खा लेती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना भ्रूण के लिए जानलेवा हो सकता है।

  • 2. फोलिक एसिड और प्रीनेटल विटामिन्स न लेना: टेस्ट पॉजिटिव आते ही डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली फोलिक एसिड और आयरन की गोलियां शुरू कर देनी चाहिए। इसमें देरी करने से बच्चे में शारीरिक विकृति का खतरा बढ़ता है।

  • 3. भारी सामान उठाना और अत्यधिक थकावट: शुरुआती हफ्तों में भ्रूण गर्भाशय की दीवार से इम्प्लांट (Implant) हो रहा होता है। ऐसे समय में भारी बाल्टी, फर्नीचर उठाना या बहुत ज्यादा सीढ़ियां चढ़ना-उतरना नुकसान पहुंचा सकता है।

  • 4. दो लोगों का खाना खाने की गलतफहमी: यह एक बहुत बड़ा भ्रम है कि प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही दो लोगों के बराबर खाना चाहिए। पहली तिमाही में अतिरिक्त कैलोरी की ज्यादा जरूरत नहीं होती; मात्रा से ज्यादा खाने की गुणवत्ता (Quality) पर ध्यान देना चाहिए।

  • 5. धूम्रपान, शराब और तनाव: शराब, सिगरेट या पैसिव स्मोकिंग से गर्भपात और जन्मजात दोषों का खतरा 80% तक बढ़ जाता है। इसके अलावा, अत्यधिक तनाव (Stress) लेने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो प्रेगनेंसी के लिए सही नहीं है।

एक्सपर्ट की खास सलाह: प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही तुरंत करें ये 3 काम

  1. गाइनकोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट लें: तुरंत एक अच्छी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें ताकि वे आपका पहला अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) करके भ्रूण की दिल की धड़कन (Heartbeat) और गर्भाशय में उसकी सही स्थिति (Ectopic Pregnancy की जांच के लिए) सुनिश्चित कर सकें।

  2. ब्लड टेस्ट और जरूरी जांचें कराएं: हीमोग्लोबिन, थायराइड, ब्लड शुगर, और आरएच फैक्टर (Rh Factor) की जांच करवाएं ताकि किसी भी मेडिकल समस्या का समय रहते इलाज हो सके।

  3. पर्याप्त आराम और सकारात्मक माहौल: शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने के कारण शुरुआती दिनों में बहुत ज्यादा थकान और सुस्ती महसूस होती है। इसलिए रोजाना 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें और मन को शांत व तनावमुक्त रखें।

प्रेगनेंसी का सफर बेहद खूबसूरत होता है, बस जरूरत है शुरुआती दिनों में थोड़ी सी सावधानी, सही खान-पान और डॉक्टर के नियमित मार्गदर्शन की।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Girls Globe Hindi