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समंदर में खत्म होगी जाम' की समस्या, ईरान के साथ सीजफायर के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा एलान

समंदर में खत्म होगी जाम' की समस्या, ईरान के साथ सीजफायर के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा एलान

Girls Globe 1 week ago

News India Live, Digital Desk: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अब मालवाहक जहाजों के गुजरने का रास्ता साफ होने वाला है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और चौंकाने वाला एलान किया है।

ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन में होने वाली भारी देरी और ‘ट्रैफिक जाम’ को सुलझाने में सक्रिय मदद करेगा। इस कदम को वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक गेम-चेंजर माना जा रहा है।

हॉर्मुज में फंसी दुनिया की रफ्तार, ट्रंप बने ‘ट्रैफिक कंट्रोलर’

पिछले कई हफ्तों से जारी तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की लंबी कतारें लग गई थीं। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि सीजफायर के दौरान अमेरिका अपनी तकनीकी और नौसैनिक विशेषज्ञता का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए करेगा कि हॉर्मुज के रास्ते में लगा ‘ट्रैफिक’ जल्द से जल्द खत्म हो। उन्होंने कहा कि अमेरिका व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही के लिए प्रतिबद्ध है।

तेल की कीमतों पर दिखेगा सीधा असर

ट्रंप के इस एलान से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में और अधिक स्थिरता आने की उम्मीद है। जब से हॉर्मुज में संकट गहराया था, दुनिया भर में ऊर्जा की किल्लत और महंगाई का डर सता रहा था। अब अमेरिका की सीधी मदद से जहाजों का परिचालन शुरू होने का मतलब है कि तेल की सप्लाई चेन फिर से पटरी पर लौट आएगी। विशेषज्ञ इसे ट्रंप की ‘इकोनॉमिक कूटनीति’ का हिस्सा मान रहे हैं, जिससे न केवल अमेरिका बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया को राहत मिलेगी।

ईरान के साथ सहयोग या कूटनीतिक दबाव?

हालांकि ट्रंप ने इसे एक मदद के तौर पर पेश किया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं। हॉर्मुज में ट्रैफिक कंट्रोल करने का मतलब है कि अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी उस क्षेत्र में सक्रिय रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान सीजफायर की शर्तों का पालन कर रहा है या नहीं। फिलहाल, दुनिया भर के शिपिंग कंपनियों और व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे अरबों डॉलर के नुकसान को रोका जा सकेगा।

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