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SGB Investment: गोल्ड बॉन्ड ने किया मालामाल निवेशकों को मिला 230% का बंपर रिटर्न, जानें RBI की नई रिडेम्पशन कीमतें

SGB Investment: गोल्ड बॉन्ड ने किया मालामाल निवेशकों को मिला 230% का बंपर रिटर्न, जानें RBI की नई रिडेम्पशन कीमतें

Girls Globe 2 weeks ago

News India Live, Digital Desk: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के निवेशकों के लिए आज (28 अप्रैल 2026) का दिन किसी लॉटरी से कम नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series-I के लिए समय से पूर्व निकासी (Premature Redemption) की कीमत घोषित कर दी है।

जिन निवेशकों ने 6 साल पहले इस बॉन्ड में निवेश किया था, उन्हें अब सोने की आसमान छूती कीमतों के कारण 230% तक का शुद्ध मुनाफा (Absolute Return) मिल रहा है।

प्रमुख आंकड़े: कैसे हुआ 1 लाख का 3.30 लाख?

आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस सीरीज के लिए निकासी की दर ₹15,124 प्रति यूनिट तय की गई है।

विवरणऑनलाइन सब्सक्रिप्शन (SGB 2020-21 Series-I)
जारी करने की तारीख28 अप्रैल 2020
इश्यू प्राइस (Issue Price)₹4,589 प्रति ग्राम
रिडेम्पशन प्राइस (28 अप्रैल 2026)₹15,124 प्रति ग्राम
कुल मुनाफा (Absolute Return)~230%
निवेश की वैल्यू₹1 लाख का निवेश अब ₹3.30 लाख (लगभग)

नोट: इस 230% मुनाफे में वह 2.5% वार्षिक ब्याज शामिल नहीं है, जो निवेशकों को उनके बैंक खाते में हर 6 महीने में मिलता रहा है। यदि उसे भी जोड़ दिया जाए, तो कुल रिटर्न और भी अधिक हो जाता है।

क्यों बढ़ रही है निकासी की कीमत?

गोल्ड बॉन्ड की रिडेम्पशन प्राइस ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) द्वारा प्रकाशित पिछले तीन कार्य दिवसों के औसत क्लोजिंग प्राइस पर आधारित होती है। अप्रैल 2026 में सोने की वैश्विक और घरेलू कीमतों में आई जबरदस्त तेजी (लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार) ने पुराने बॉन्ड धारकों की चांदी कर दी है।

अप्रैल 2026 के लिए अन्य महत्वपूर्ण रिडेम्पशन खिड़कियां

RBI के कैलेंडर के अनुसार, इस महीने कई अन्य सीरीज भी निकासी के लिए पात्र हो गई हैं:

SGB 2018-19 Series-II: 23 अप्रैल 2026 को इसकी रिडेम्पशन प्राइस ₹15,219 तय की गई थी।

SGB 2019-20 Series-VI: इसकी निकासी की तिथि 30 अप्रैल 2026 है।

बजट 2026 और टैक्स के नए नियम

अगर आप इस समय अपने गोल्ड बॉन्ड बेच रहे हैं, तो यह बातें ध्यान में रखें:

टैक्स छूट: बजट 2026 के नए नियमों के अनुसार, केवल वे निवेशक जो मैच्योरिटी (8 साल) तक बॉन्ड रखते हैं, उन्हें कैपिटल गेन्स टैक्स पर पूरी छूट मिलती है।

प्री-मैच्योर विड्रॉल: 5 साल बाद समय से पूर्व निकासी पर मिलने वाला लाभ अब टैक्स के दायरे में आ सकता है (होल्डिंग पीरियड के आधार पर), हालांकि इंडेक्सेशन का लाभ लिया जा सकता है।

क्या आपको अभी पैसा निकालना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपको तत्काल नकदी की आवश्यकता नहीं है, तो 8 साल की पूर्ण मैच्योरिटी तक इंतजार करना बेहतर है। इससे न केवल आपको सोने की भविष्य की तेजी का लाभ मिलेगा, बल्कि आपका पूरा कैपिटल गेन टैक्स-फ्री (कर मुक्त) रहेगा।

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