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शादी के लिए क्या है सबसे परफेक्ट उम्र? करियर, मैच्योरिटी या समाज का दबाव

शादी के लिए क्या है सबसे परफेक्ट उम्र? करियर, मैच्योरिटी या समाज का दबाव

Girls Globe 3 weeks ago

News India Live, Digital Desk: शादी कब कर रहे हो?" यह एक ऐसा सवाल है जो एक उम्र के बाद हर भारतीय युवा का पीछा करने लगता है। पुराने समय में जहाँ जल्दी शादी करना ही समझदारी माना जाता था, वहीं आज के दौर में करियर, आर्थिक आजादी और मानसिक मैच्योरिटी ने इस परिभाषा को बदल दिया है।

लेकिन क्या वास्तव में शादी के लिए कोई ‘सही उम्र’ (Right Age) होती है? हालिया शोध और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के विश्लेषण ने इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की है कि आखिर किस उम्र में शादी करना एक सफल और खुशहाल वैवाहिक जीवन की गारंटी हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च? 28 से 32 के बीच का ‘गोल्डन पीरियड’

अमेरिका की उटाह यूनिवर्सिटी (University of Utah) में समाजशास्त्री निकोलस वोल्फिंगर द्वारा की गई एक स्टडी के अनुसार, जो लोग 28 से 32 वर्ष की आयु के बीच शादी करते हैं, उनमें तलाक की संभावना सबसे कम होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उम्र तक व्यक्ति न केवल आर्थिक रूप से स्थिर हो जाता है, बल्कि उसमें इतनी मैच्योरिटी आ जाती है कि वह पार्टनर के साथ तालमेल बिठा सके और जिम्मेदारियों को बोझ न समझे।

जल्दी और देरी से शादी करने के अपने-अपने तर्क

शादी की उम्र को लेकर समाज और विज्ञान के अलग-अलग नजरिए हैं:

20 से 25 साल (जल्दी शादी): इस उम्र में कपल्स के बीच ऊर्जा अधिक होती है और वे एक साथ बढ़ते हैं। हालांकि, आर्थिक अस्थिरता और अनुभव की कमी अक्सर तनाव का कारण बनती है।

25 से 30 साल (संतुलित समय): यह वह समय है जब अधिकांश युवा अपने करियर की नींव रख चुके होते हैं। इस उम्र में भावनाओं पर नियंत्रण और समझ का स्तर बेहतर होता है।

30 के बाद (मैच्योर डिसीजन): 30 की उम्र पार करने के बाद लोग अधिक व्यावहारिक हो जाते हैं। उन्हें पता होता है कि उन्हें जीवनसाथी से क्या चाहिए। हालांकि, इस उम्र में अपनी आदतों को दूसरे के अनुसार ढालना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उम्र से ज्यादा ‘इन’ 3 बातों का है महत्व

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कैलेंडर की तारीखें देखकर शादी का फैसला करना गलत है। उम्र के साथ इन पैमानों पर भी गौर करना जरूरी है:

इमोशनल मैच्योरिटी: क्या आप झगड़ों को समझदारी से सुलझा सकते हैं? क्या आप अपनी खुशियों के लिए केवल दूसरे पर निर्भर तो नहीं हैं?

फाइनेंशियल स्टेबिलिटी: शादी के बाद खर्च बढ़ते हैं। क्या आप और आपका पार्टनर आर्थिक रूप से एक नई शुरुआत के लिए तैयार हैं?

पारिवारिक और व्यक्तिगत लक्ष्य: क्या आपके और आपके पार्टनर के भविष्य के लक्ष्य (जैसे बच्चे, घर, करियर) एक दिशा में हैं?

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