ज्योतिष शास्त्र में 'न्याय के देवता' माने जाने वाले शनि देव वर्तमान में मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। वर्तमान में शनि देव अस्त अवस्था में हैं, जो 12 अप्रैल 2026 को उदय होंगे। इसके ठीक पांच दिन बाद, 17 अप्रैल 2026 को शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे।
शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन 17 मई तक प्रभावी रहेगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, लेकिन मीन राशि में होने के कारण गुरु का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, यह एक महीने की अवधि 4 विशेष राशियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।
इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान
1. मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह परिवर्तन अधिक सतर्कता की मांग करता है।
प्रभाव: चूंकि मेष राशि पर पहले से ही साढ़े साती का प्रभाव चल रहा है, ऐसे में नक्षत्र परिवर्तन करियर में रुकावटें पैदा कर सकता है।
सलाह: निवेश या नौकरी बदलने जैसे बड़े फैसले जल्दबाजी में न लें, अन्यथा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
2. कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि वालों के लिए यह समय मानसिक और पारिवारिक मोर्चे पर कठिन हो सकता है।
प्रभाव: करियर में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। वाणी दोष के कारण परिजनों या कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद होने की आशंका है।
सलाह: क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें। तनाव बढ़ने पर धैर्य से काम लें।
3. तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए शनि की यह स्थिति आत्मविश्वास में कमी ला सकती है।
प्रभाव: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलने में देरी होगी, जिससे निराशा बढ़ सकती है। बनते हुए कामों में आखिरी समय पर बाधाएं आ सकती हैं।
सलाह: शॉर्टकट अपनाने से बचें और अपने लक्ष्यों के प्रति अतिरिक्त प्रयास (Extra Efforts) जारी रखें।
4. मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए 17 अप्रैल से 17 मई तक की अवधि आर्थिक रूप से भारी पड़ सकती है।
प्रभाव: अचानक अनचाहे खर्चों में बढ़ोतरी होगी, जिससे आपका संचित धन कम हो सकता है। इसके अलावा, सेहत में गिरावट आने की भी संभावना है।
सलाह: अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और बजट बनाकर ही खर्च करें।
नक्षत्र परिवर्तन का समय चक्र
12 अप्रैल 2026: शनि देव मीन राशि में उदय होंगे।
17 अप्रैल 2026: उत्तराभाद्रपद नक्षत्र (चतुर्थ चरण) में प्रवेश।
17 मई 2026: इस नक्षत्र में शनि का प्रवास समाप्त होगा।
विशेष: शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए इस दौरान गरीब और जरूरतमंदों की सहायता करना तथा शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करना इन राशियों के जातकों के लिए कष्टों को कम करने में सहायक हो सकता है।
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