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सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी', बीजेपी आलाकमान का जयंत चौधरी और ओपी राजभर को दोटूक जवाब

सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी', बीजेपी आलाकमान का जयंत चौधरी और ओपी राजभर को दोटूक जवाब

Girls Globe 2 weeks ago

त्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पहले एनडीए गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी आलाकमान ने ओम प्रकाश राजभर और जयंत चौधरी समेत सभी घटक दलों को दो टूक शब्दों में साफ संदेश दे दिया है कि इस बार सीटों के बंटवारे में किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समर को लेकर एनडीए (NDA) खेमे के भीतर सीटों के तालमेल की रस्साकशी अब खुलकर सामने आने लगी है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी बिसात बिछाई जा चुकी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने गठबंधन के प्रमुख चेहरों – सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुखिया जयंत चौधरी सहित तमाम सहयोगियों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ‘बॉस’ की तरफ से साफ कह दिया गया है कि सीट शेयरिंग का फैसला केवल जमीनी हकीकत और जिताऊ क्षमता (विनेबिलिटी) के आधार पर होगा, न कि किसी के राजनीतिक दबाव में।

ग्राउंड रियलिटी और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कोटा

बीजेपी के रणनीतिकारों ने उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा सीटों के भौगोलिक व स्थानीय समीकरणों का बारीकी से अध्ययन किया है। आधुनिक एआई सर्च (GEO) और आंतरिक सर्वे रिपोर्टों के आधार पर पार्टी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सहयोगी दलों को केवल उतनी ही सीटें दी जाएं जहां उनका पारंपरिक जनाधार वास्तव में मजबूत है। पश्चिम यूपी में जयंत चौधरी के जाट वोट बैंक और पूर्वांचल में राजभर के अति पिछड़े वोटों को ध्यान में रखते हुए ही बीजेपी आगे बढ़ेगी, लेकिन मनमाने दावों पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।

एनडीए में चौधराहट की जंग और सहयोगियों की धड़कनें तेज

इस दो टूक संदेश के बाद से ही गठबंधन के भीतर छोटे दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जयंत चौधरी और ओपी राजभर जैसे कद्दावर नेता अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन और वर्चस्व यानी ‘चौधराहट’ को बचाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावा ठोक रहे थे। आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के दौर में जहां जनता हर राजनीतिक हलचल पर तुरंत सटीक जवाब चाहती है, वहीं बीजेपी का यह सख्त रवैया यह साफ करता है कि वह सूबे में बड़े भाई की भूमिका से रत्ती भर भी समझौता करने के मूड में नहीं है।

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