News India Live, Digital Desk: भारतीय संस्कृति में सोने (Gold) को केवल एक धातु या निवेश के रूप में नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, शादी-ब्याह या त्योहार पर सोना खरीदना एक परंपरा है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि सप्ताह के हर दिन सोना खरीदना शुभ नहीं होता? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गलत दिन पर खरीदा गया सोना आर्थिक तंगी या अशुभ फल का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं सोना खरीदने के लिए कौन सा दिन श्रेष्ठ है और किस दिन इससे बचना चाहिए।
सोना खरीदने के लिए ‘सबसे शुभ’ दिन
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सप्ताह के कुछ विशेष दिन सोने की खरीदारी के लिए अमृत के समान माने जाते हैं:
गुरुवार (Thursday): इसे सोने की खरीदारी के लिए सर्वोत्तम दिन माना जाता है। गुरुवार के स्वामी ‘गुरु’ (बृहस्पति) हैं, जिन्हें पीली वस्तुओं और सोने का कारक माना जाता है। इस दिन सोना खरीदने से घर में बरकत आती है और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
रविवार (Sunday): सूर्य देव को ऊर्जा और वैभव का प्रतीक माना जाता है। रविवार को सोना या सोने के आभूषण खरीदना सुख-समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है।
शुक्रवार (Friday): यह दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन गहने या निवेश के लिए सोना खरीदना बहुत फलदायी होता है, इससे वैभव में वृद्धि होती है।
भूलकर भी इस दिन न खरीदें सोना
शास्त्रों के अनुसार, सप्ताह के एक दिन विशेष रूप से लोहे और कुछ धातुओं की खरीदारी पर रोक होती है:
शनिवार (Saturday): ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन सोना खरीदने से बचना चाहिए। यह दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। माना जाता है कि शनिवार को सोना खरीदने से आर्थिक नुकसान हो सकता है या परिवार में वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि, इस दिन लोहे की वस्तुएं भी दान करना शुभ होता है, लेकिन खरीदारी (विशेषकर सोना) वर्जित मानी गई है।
पुष्य नक्षत्र और विशेष तिथियों का महत्व
दिनों के अलावा, नक्षत्रों का भी अपना विशेष महत्व है। यदि गुरुवार या रविवार को ‘पुष्य नक्षत्र’ पड़ जाए, तो वह सोना खरीदने का सबसे महामुहूर्त बन जाता है। इसे ‘गुरु-पुष्य’ या ‘रवि-पुष्य’ योग कहा जाता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया, धनतेरस और दिवाली जैसे पर्वों पर सोना खरीदना हमेशा शुभ रहता है, चाहे उस दिन कोई भी वार हो।
कैसा हो सोने का स्वरूप?
सोना खरीदते समय ध्यान रखें कि वह शुद्ध हो और संभव हो तो उस पर मां लक्ष्मी का अंकित चित्र या कोई शुभ चिह्न हो। आभूषणों को घर लाने के बाद सबसे पहले पूजा घर में रखें और ईश्वर का आभार व्यक्त करें, इससे उस धातु की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
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