लेकिन छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से रक्षाबंधन की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इस रिश्ते को एक अलग ही अंदाज में दिखाया। यहां स्वप्ना सृजल ने अपने किसी भाई की कलाई पर नहीं, बल्कि अपने प्यारे तोते हीरांश को राखी बांधकर यह त्योहार मनाया। इस खास मौके की तस्वीर और कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है।
भाई नहीं है, इसलिए तोते को माना अपना भाई
स्वप्ना सृजल का कहना है कि उनका कोई भाई नहीं है। ऐसे में उन्होंने अपने पालतू तोते हीरांश को ही भाई मान लिया है। उनके लिए हीरांश सिर्फ घर में पाला हुआ एक पक्षी नहीं, बल्कि परिवार के एक सदस्य जैसा है। इसी लगाव के चलते उन्होंने रक्षाबंधन पर उसके साथ भाई-बहन का रिश्ता निभाने का फैसला किया।
स्वप्ना की यह पहल अचानक शुरू नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, वह पिछले चार साल से रक्षाबंधन के मौके पर हीरांश को राखी बांधती आ रही हैं। यानी उनके लिए यह सिर्फ एक दिन की भावुकता नहीं, बल्कि लगातार निभाया जा रहा एक रिश्ता है। रक्षाबंधन आते ही वह अपने इस खास साथी के लिए राखी लेकर आती हैं और उसी तरह त्योहार मनाती हैं, जैसे कोई बहन अपने भाई के साथ मनाती है।
हीरांश के साथ खास है स्वप्ना का रिश्ता
पालतू जानवरों से लोगों का लगाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्वप्ना और हीरांश का रिश्ता थोड़ा अलग नजर आता है। उन्होंने अपने तोते को परिवार का हिस्सा मानते हुए उसके साथ एक भावनात्मक रिश्ता बनाया है। यही वजह है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर भी उन्होंने उसे अपने से दूर नहीं रखा।
हीरांश को राखी बांधने के पीछे स्वप्ना की भावना साफ है। वह भाई के इस रिश्ते को सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं मानतीं, बल्कि इसे प्यार और अपनापन जताने का तरीका मानती हैं। उनके लिए हीरांश के साथ बिताया समय और उससे जुड़ाव इतना खास है कि उन्होंने उसे भाई का दर्जा दे दिया।
प्यार और दुलार से भरा रक्षाबंधन, जब बहन ने अपने प्यारे तोते को बांधी राखी।चार साल से निभा रही हैं राखी की परंपरा
स्वप्ना की कहानी की खास बात यह भी है कि उन्होंने इस रिश्ते को चार साल से लगातार निभाया है। हर साल रक्षाबंधन पर हीरांश को राखी बांधना अब उनके लिए एक तरह की परंपरा बन चुकी है। इस बार भी उन्होंने उसी प्यार के साथ अपने तोते को राखी बांधी।
अंबिकापुर से सामने आई यह कहानी बताती है कि किसी रिश्ते की अहमियत सिर्फ उसके नाम या रिश्ते की पहचान से तय नहीं होती। कई बार किसी के साथ जुड़ाव, प्यार और अपनापन ही उस रिश्ते को खास बना देता है। स्वप्ना के लिए हीरांश ऐसा ही साथी है, जिसे उन्होंने अपने भाई के रूप में अपनाया है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आई तस्वीर
रक्षाबंधन के मौके पर स्वप्ना और हीरांश की यह कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों का ध्यान खींच रही है। तस्वीर में एक बहन का अपने प्यारे तोते के प्रति लगाव और उसे भाई मानकर राखी बांधने की भावना नजर आती है। यह कहानी उन लोगों के लिए भी खास है, जो अपने पालतू जानवरों को सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते हैं।
स्वप्ना और हीरांश की यह कहानी रक्षाबंधन के त्योहार को एक अलग नजरिए से दिखाती है। यहां भाई-बहन का रिश्ता खून के रिश्ते से नहीं, बल्कि प्यार, भरोसे और अपनापन से जुड़ा दिखाई देता है। यही वजह है कि अंबिकापुर की यह अनोखी राखी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
FAQ
Q. अंबिकापुर में लड़की ने तोते को राखी क्यों बांधी? A. स्वप्ना सृजल का कोई सगा भाई नहीं है, इसलिए उन्होंने अपने पालतू तोते 'हीरांश' को ही अपना भाई मानकर राखी बांधी। Q. स्वप्ना कितने सालों से तोते को राखी बांध रही हैं? A. स्वप्ना पिछले 4 सालों से लगातार रक्षाबंधन पर अपने तोते हीरांश को राखी बांधती आ रही हैं। Q. यह अनोखी घटना किस शहर की है? A. यह दिल छू लेने वाली घटना छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर की है। Q. क्या पालतू जानवरों को राखी बांधना सही है? A. जी हां, रक्षाबंधन प्यार और सुरक्षा का प्रतीक है। बेजुबान जानवरों के प्रति अपनापन और प्यार जताने के लिए लोग अपने पेट्स को राखी बांधते हैं। Q. इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है? A. इस कहानी से सीख मिलती है कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते, बल्कि प्यार, देखभाल और भावनात्मक जुड़ाव ही असली रिश्ता बनाते हैं।

