Balushahi Recipe: आज हम बात करेंगे एक ऐसी भारतीय मिठाई की, जिसे देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है, जी हां,हम बात कर रहे हैं बालूशाही की। ये कुरकुरी बाहर से और अंदर से नरम, चाशनी में डूबी हुई मिठाई किसी भी त्योहार या खास मौके पर चार चांद लगा देती है।
इसे बनाना जितना मजेदार है, खाना उससे भी ज्यादा आनंद से भरपूर।
आज हम आपके साथ बालूशाही बनाने की पूरी विधि साझा करेंगे, एकदम स्टेप-बाय-स्टेप और हां, हर स्टेप के साथ एक सुंदर सी तस्वीर भी, ताकि आपको इसे बनाने में कोई परेशानी न हो। तो अपनी कमर कस लीजिए और चलिए, हमारे साथ इस मीठी यात्रा पर।

Balushahi Recipe
बालूशाही एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से नरम व परतदार होती है। इसे मैदा के आटे से बनाकर घी में धीमी आंच पर तला जाता है और फिर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। इसका स्वाद हल्का मीठा और बेहद रिच होता है। बालूशाही खासतौर पर त्योहारों और खास मौकों पर बनाई जाती है और उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय है।
Course Dessert / Sweet DishCuisine Indian (North Indian / Traditional)
Prep Time 25 minutesminutesCook Time 50 minutesminutes
Calories 300kcal
Ingredients
आटे के लिए:
- 2 कपमैदालगभग 250 ग्राम
- 1/2 कपघी
- 1/4 कपदही
- 1/2 चम्मचबेकिंग सोडा
- 1/4-1/2 कपठंडा पानी
चाशनी के लिए:
- 2 कपचीनी
- 1 कपपानी
- 1/2 चम्मचइलायची पाउडर खुशबू के लिए
- कुछ केसर के धागे वैकल्पिक, रंग और खुशबू के लिए
- 1/4 चम्मच नींबू का रस चाशनी को जमने से रोकने के लिए
तलने के लिए:
- घी या रिफाइंड तेलतलने के लिए, आवश्यकतानुसार
Instructions
स्टेप 1: मैदे और बेकिंग सोडा को छानना
सबसे पहले, एक बड़ी परात या कटोरा लें। इसमें मैदा और बेकिंग सोडा को एक साथ छान लें। ऐसा करने से मैदा में कोई गुठली नहीं रहेगी और बेकिंग सोडा मैदे में अच्छी तरह मिल जाएगा। इससे आपकी बालूशाही हल्की और परतदार बनेगी।

स्टेप 2: मोयन डालना
अब छाने हुए मैदे में पिघला हुआ घी (मोयन) डालें। घी को मैदे में अच्छी तरह से हाथों से मिलाएं, जैसे आप बिस्कुट का आटा बनाते हैं। इसे तब तक मसलते रहें जब तक कि मैदा ब्रेड क्रम्ब्स जैसा न दिखने लगे और जब आप मुट्ठी में मैदा लें, तो वो बंधने लगे। ये स्टेप बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही आपकी बालूशाही को खस्ता और परतदार बनाएगा।

स्टेप 3: दही और पानी से आटा गूंथना
अब मैदे में दही डालें और हल्के हाथों से मिलाना शुरू करें। फिर धीरे-धीरे बहुत ठंडा पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें। ध्यान रखें, हमें आटा गूथना नहीं है, बल्कि बस सभी सामग्री को एक साथ लाना है। हमें आटे को बहुत ज्यादा चिकना नहीं करना है, इसमें दरारें होनी चाहिए। ये दरारें ही तलने के बाद परतें बनाएंगी, जो बालूशाही की खासियत होती है। बस एक नरम आटा तैयार करें जो एक साथ चिपका रहे।

स्टेप 4: आटे को आराम देना
जब आटा तैयार हो जाए, तो इसे एक गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए एक तरफ रख दें। इससे आटा थोड़ा नरम हो जाएगा और बालूशाही बनाने में आसानी होगी। इस दौरान आप चाशनी बनाने की तैयारी कर सकते हैं।

स्टेप 5: चाशनी तैयार करना
एक गहरे तले वाले पैन में चीनी और पानी मिलाएं। इसे मध्यम आंच पर रखें और चीनी घुलने तक लगातार चलाते रहें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए, तो इसमें इलायची पाउडर, केसर के धागे और नींबू का रस मिलाएं। इसे 5-7 मिनट तक उबालें जब तक कि एक तार की चाशनी न बन जाए। चाशनी बहुत गाढ़ी नहीं होनी चाहिए, नहीं तो बालूशाही उसे ठीक से सोख नहीं पाएगी। एक तार की चाशनी का मतलब है कि जब आप थोड़ी सी चाशनी को अपनी उंगलियों के बीच लें और खींचें, तो एक हल्का सा तार बने। गैस बंद करके चाशनी को हल्का गरम रखें।

स्टेप 6: बालूशाही को आकार देना
अब आराम किए हुए आटे को लें। इसे बहुत हल्के हाथों से एक बार फिर इकट्ठा कर लें। आटे को छोटे-छोटे बराबर भागों में बांट लें। हर भाग को अपनी हथेलियों के बीच लेकर हल्के से गोल करें और फिर बीच में अंगूठे या किसी लकड़ी की चम्मच के पिछले हिस्से से छेद कर दें। ध्यान रखें कि बालूशाही बहुत ज्यादा चिकनी न हो, इसमें हल्की दरारें बरकरार रहनी चाहिए, ये ही इसकी पहचान है। सारी बालूशाही को इसी तरह तैयार कर लें।

स्टेप 7: बालूशाही को तलना
एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें। बालूशाही को तलने के लिए घी का तापमान बहुत महत्वपूर्ण है। घी बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए, बल्कि हल्का गरम होना चाहिए। जब आप एक छोटा सा आटे का टुकड़ा घी में डालें, तो वह धीरे-धीरे ऊपर आना चाहिए। यदि घी बहुत गरम होगा तो बालूशाही बाहर से तो पक जाएगी, लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएगी।

स्टेप 8: चाशनी में डुबोना
जब बालूशाही सुनहरी भूरी हो जाए, तो उन्हें सावधानी से घी से निकालें और सीधे गरम चाशनी में डाल दें। उन्हें चाशनी में लगभग 10-15 मिनट तक भिगो दें, ताकि वे अच्छी तरह से चाशनी सोख लें। उन्हें बीच-बीच में पलटते रहें ताकि दोनों तरफ से चाशनी अच्छे से अंदर तक पहुंच जाए।

स्टेप 9: बालूशाही को सजाना और परोसना
चाशनी में अच्छी तरह से भीगने के बाद, बालूशाही को चाशनी से निकाल कर एक तार की जाली पर रख दें ताकि अतिरिक्त चाशनी टपक जाए। आप इन्हें बारीक कटे हुए पिस्ते या बादाम से सजा सकते हैं। इन्हें गरमागरम या कमरे के तापमान पर परोसें। ये कुछ दिनों तक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर की जा सकती हैं।

Notes
टिप्स और ट्रिक्स:- आटा गूथते समय ध्यान रखें: बालूशाही के लिए आटा गूथना नहीं, बल्कि बस इकट्ठा करना है। यह थोड़ा भुरभुरा और परतदार होना चाहिए। चिकना आटा बनाने से बालूशाही कठोर बन सकती है।
- ठंडा पानी का इस्तेमाल करें: ठंडा पानी आटे में घी को अच्छी तरह से मिलाने में मदद करता है, जिससे बालूशाही अधिक परतदार बनती है।
- घी का तापमान: बालूशाही को धीमी आंच पर और हल्के गरम घी में तलना बहुत ज़रूरी है। इससे वे अंदर तक पक जाती हैं और बाहर से कुरकुरी बनती हैं। अगर घी बहुत गरम होगा, तो वे बाहर से जल्दी जल जाएंगी और अंदर से कच्ची रह जाएंगी।
- चाशनी की कंसिस्टेंसी: चाशनी एक तार की होनी चाहिए, न ज्यादा गाढ़ी और न ज्यादा पतली। अगर चाशनी बहुत गाढ़ी होगी, तो बालूशाही उसे ठीक से सोख नहीं पाएगी। अगर बहुत पतली होगी, तो बालूशाही गीली हो जाएगी। नींबू का रस डालने से चाशनी जमेगी नहीं।
- सब्र रखें: बालूशाही बनाने में थोड़ा समय और सब्र लगता है, खासकर तलने के दौरान। लेकिन अंत में जो स्वादिष्ट परिणाम मिलता है, वह इसके लायक होता है!
- स्टोर कैसे करें: बालूशाही को एक एयरटाइट कंटेनर में कमरे के तापमान पर एक सप्ताह तक स्टोर किया जा सकता है। फ्रिज में रखने से चाशनी जम सकती है।

