Monsoon Furniture Moving Tips: घर बदलना अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। पैकिंग, अनपैकिंग, सामान की सुरक्षा और नए घर में सब कुछ व्यवस्थित करने के बीच अगर बारिश का मौसम भी हो, तो यह काम और चैलेंजिंग बन जाता है।
खासकर लकड़ी का फर्नीचर मानसून में सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप अपने फर्नीचर को नमी और बारिश से सुरक्षित रख सकती हैं। आइए जानते हैं इन जरूरी टिप्स के बारे में।
सबसे पहले क्यों खराब होता है लकड़ी का फर्नीचर?
बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे लकड़ी फूलने, मुड़ने या उसकी चमक फीकी पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
मानसून में घर शिफ्टिंग के दौरान फर्नीचर को सुरक्षित रखने के लिए उसे वॉटरप्रूफ कवर और प्रोटेक्टिव रैप में पैक करना बेहद जरूरी है, ताकि नमी से नुकसान न हो।अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो दराज ठीक से बंद नहीं होती, टेबल टेढ़ी होने लगती है और अलमारी के दरवाजे भी जाम हो सकते हैं।
शिफ्टिंग से पहले करें ये जरूरी तैयारी
घर बदलने से पहले अपने लकड़ी के फर्नीचर की अच्छी तरह जांच करें। अगर कहीं पॉलिश या प्रोटेक्टिव कोटिंग उतर गई है, तो उसे ठीक करा लें। इससे नमी सीधे लकड़ी के संपर्क में नहीं आएगी।
फर्नीचर को पैक करते समय केवल प्लास्टिक में कसकर लपेटने की गलती न करें। लंबे समय तक प्लास्टिक में बंद रहने से अंदर नमी फंस सकती है। बेहतर होगा कि पहले फर्नीचर को मुलायम कपड़े या कंबल से ढकें और जरूरत पड़ने पर ऊपर से वॉटरप्रूफ कवर का इस्तेमाल करें।
बारिश में ट्रांसपोर्ट के दौरान रखें विशेष ध्यान
शिफ्टिंग के दौरान बारिश कभी भी शुरू हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि सामान को ज्यादा देर तक खुले में न रखा जाए।
मानसून में घर शिफ्ट करते समय लकड़ी के फर्नीचर को नमी से बचाने के लिए सही पैकिंग, वेंटिलेशन और सावधानी बेहद जरूरी है, ताकि उसका रंग, मजबूती और चमक लंबे समय तक बनी रहे।यदि रास्ते में फर्नीचर भीग जाए, तो नए घर पहुंचते ही उसे तुरंत बंद कमरे में न रखें। पहले उसे अच्छी तरह सूखने दें। केवल कपड़े से पानी पोंछना पर्याप्त नहीं होता।
नए घर में दीवार से थोड़ा दूर रखें फर्नीचर
अक्सर लोग जगह बचाने के लिए अलमारी, बेड या सोफा को दीवार से बिल्कुल सटाकर रख देते हैं। लेकिन मानसून में ऐसा करना सही नहीं है। बारिश के दौरान दीवारों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है। यदि फर्नीचर लगातार गीली दीवार के संपर्क में रहेगा, तो धीरे-धीरे उसकी लकड़ी भी नमी सोखने लगेगी। इसलिए दीवार और फर्नीचर के बीच कुछ इंच का अंतर जरूर रखें, ताकि हवा आती-जाती रहे।
घर में रखें पर्याप्त वेंटिलेशन
मानसून में घर के दरवाजे और खिड़कियां हमेशा बंद रखने से कमरों में सीलन बढ़ जाती है। जब भी मौसम साफ हो, खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने दें। अगर घर में नमी ज्यादा रहती है, तो एग्जॉस्ट फैन, सीलिंग फैन या डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे फर्नीचर लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
फर्श की नमी को नजरअंदाज न करें
कई बार फर्श ऊपर से सूखा दिखाई देता है, लेकिन उसमें हल्की नमी बनी रहती है। ऐसे में फर्नीचर के पैर सबसे पहले प्रभावित होते हैं। लकड़ी के फर्नीचर के नीचे रबर पैड, प्लास्टिक स्टैंड या छोटे प्रोटेक्टिव ब्लॉक लगाने से उसका फर्श से सीधा संपर्क कम हो जाता है। यदि कहीं पानी गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ करें और फर्नीचर को लंबे समय तक गीले फर्श पर न रहने दें।
मानसून में घर बदलना मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी आपके फर्नीचर को लंबे समय तक नया बनाए रख सकती है। सही पैकिंग, पर्याप्त वेंटिलेशन, दीवार और फर्श की नमी से बचाव तथा नियमित देखभाल जैसी छोटी-छोटी आदतें आपके महंगे फर्नीचर की मजबूती और खूबसूरती दोनों को बरकरार रखती हैं।
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FAQ
Q. क्या लकड़ी के फर्नीचर पर प्लास्टिक लपेटना सही है? A. नहीं, प्लास्टिक से नमी अंदर फंस सकती है। हमेशा पहले कपड़े से ढकें। Q. फर्नीचर को दीवार से कितना दूर रखना चाहिए? A. कम से कम 2-3 इंच की दूरी रखें। Q. मानसून में फर्नीचर के पैरों की सुरक्षा कैसे करें? A. रबर पैड या प्रोटेक्टिव ब्लॉक का उपयोग करें। Q. क्या मानसून में फर्नीचर की पॉलिश करानी चाहिए? A. हां, शिफ्टिंग से पहले पॉलिश करने से लकड़ी वॉटर-रेसिस्टेंट बन जाती है। Q. सीलन की महक कैसे दूर करें? A. कमरे में वेंटिलेशन रखें और खुशबूदार मोमबत्तियों या कपूर का उपयोग करें।

