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मेष राशिफल -Mesh Rashifal 2026 - 24 August to 31 August

मेष राशिफल -Mesh Rashifal 2026 - 24 August to 31 August

चू, चे, चो, ला अश्विनी-4

ली, लू, ले, लो भरणी-4अ कृत्तिका-1


24 अगस्त से 31 अगस्त तक

दिनांक 24 को सरकार से जुड़े कार्य पूरे होंगे। सरकार से लाभ प्राप्त होगा। 25, 26, 27 को प्रतिष्ठा से जुड़े कार्यों को सम्पन्न करेंगे जिससे छवि चमकेगी।

शारीरिक सुख प्राप्त होगा। परिवार का साथ रहेगा। बच्चों को शिष्टता का पाठ पढ़ाएंगे। आपमें भी शिष्टता और सौम्यता रहेगी। 28, 29 को सर्वलाभकारी समय रहेगा। आपकी प्रवृत्ति शर्मीली रहेगी। 30, 31 को चिन्ताकारी समय है। आपका स्वास्थ्य गड़बड़ रह सकता है। आपमें नकरात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में मंगल वृषभ राशि का द्वितीय भाव बुध मिथुन राशि का तृतीय भाव में, सूर्य + बृहस्पति कर्क राशि का चतुर्थ भाव में, शुक्र+केतु सिंह राशि का पंचम भाव में, राहु + चन्द्रमा कुंभ राशि का ग्यारहवे भाव में, शनि मीन राशि का बारहवे भाव में चलायमान है।

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़े

2026शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी2,3,21,22,26,275,6,13,14,15,29,30,23,24
फरवरी17,18,22,23,26,271,2,10,11,12,20,28
मार्च16,17,18,21,229,10,11,19,20, 25, 26, 28, 29
अप्रैल13,14,18,19, 21, 22 5,6,7,16,24,25
मई10,11,15,16,19,20 3,4,5,13,14,21,22, 30.31
जून6,7,11,12,13,15,161, 9, 10, 17, 18, 19, 26, 27,28
जुलाई4, 5, 9, 10, 12, 137, 15, 16, 23,24,25, 31
अगस्त1,5,6,9,10,27, 28,29 3,4,11,12,20, 21,22,30,31
सितम्बर1,2,5,6,24,25,29,308, 9, 16, 17, 18
अक्टूबर2,3,21,22,26,27, 30,31 1,5, 7, 10, 15, 20
नवम्बर5,6,13,14,15,24 1,2,10,11,12,20,21, 28,29,30
दिसम्बर15, 16, 20, 21, 23, 247,8,9,18,26,27

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

इस साल मेष राशि 11 रा. के जातकों को शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
काम-काज नौकरी आजीविका में विरोधाभासी स्थितियां आएंगी। परंतु समय रहते सारी चीजों का समाधान मिल जायेगा। यह साल संघर्ष का तो है, परंतु संहर्ष के पश्चात् सफलता में कोई संशय व दोराय नहीं हैं। वर्षारंभ में राशि स्वामी मगंल नवम स्थान में गतिशील रहेगा। संघर्ष व परिश्रम के बीच में भाग्योन्नति की रूपरेखा बनेगी। पारिवारिक दृष्टि से यह साल उपलब्धि के संकेत कर रहा है। इस साल स्वास्थ्य में परेशानिया रहेंगी, हालांकि गंभीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका नहीं है, फिर भी मौसमी बीमारियां व पेट से संबन्धित व्याधि के संकेत मिल रहे हैं। आपका खान-पान अपनी आदतों, शारीरिक व्यायाम आदि का विशेष ध्यान रखें।
इस वर्ष खर्च की प्रबलता रहेगी। आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपया वाली बात रहेगी। रुपयों-पैसों के मामले में सावधान रहें। किसी
को भी रुपया उधार नहीं दें। व्यवसाय में भी चीजों को व्यक्तियों को अच्छी तरह से जांच परख लें। वर्षारंभ में राहु लाभ स्थान में गतिशील है, तथा दिसम्बर तक गतिशील रहेगा। राहु लाभ स्थान में है, लाभ की हानि कर रहा है, लाभ को खा रहा है। पांचवें केतु के प्रभाव से संतान को लेकर चिंता रहेगी। काम-काज की व्यस्तताओं में आप इस प्रकार उलझे रहेंगे कि आपको अपने लिए तथा परिवार के लिए समय ही नहीं मिल पायेगा। नौकरी शुदा जातकों को इस समय सावधान रहना चाहिए 27 जुलाई से दिसम्बर के मध्य शनि की वक्र स्थिति के कारण आपकी शिकायत हो सकती है। विभागीय जांच व सरकारी पक्ष से जांच का सामना करना पड़ सकता है। पति-पत्नी में यदा-कदा वैचारिक मतभेद रहेंगे। लेकिन आगे चलकर फिर वह विवाद सुलझ जाएंगे। माता-पिता या घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति का स्वास्थ्य गडबड़ हो सकता है। शत्रु और विरोधियों से सावधान रहें। भाईयों से सम्पत्ति व बटवारे संबंधी विवाद उलझ सकता है। कोर्ट-केस में आपको नुकसान हो सकता है। आपको इस साल मेहनत व परिश्रम खूब करनी पड़ेगी, मेहनत व परिश्रम सार्थक होगा। वाणी व क्रोध पर नियंत्रण जरूर रखना चाहिए। साथ ही वाहन सावधानीपूर्वक चलावें समय-समय पर वाहन की देख रेख करवाते रहें।
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:-
इस साल शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव आपकी राशि पर है, तथा मंगल भाग्य स्थान में है। अतः स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। पुराना रोग तकलीफ दे सकता है। ब्लड प्रेशर डायबिटीज व हार्ट डिजीज के ग्रसित लोगों को नियमित परीक्षण करवाते रहना चाहिए। बीमारी व रोग व अस्पताल पर खर्चा होगा। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर तक शनि के वक्रत्व काल में वाहन सावधानीपूर्वक चलावें, योग, व्यायाम खान-पान वाकिंग जैसी गतिविधियों से आप स्वास्थ्य को अपने अनुकूल बना सकते हैं।
व्यापार, व्यवसाय व धन:-
इस साल धन वाला मामला थोड़ा सा ऊपर नीचे रहेगा। मतलब धन की प्रचुरता नहीं रहेगी, हां खर्च के पैसे आ जाएंगे, धन के कारण काम अटकेगा नहीं। व्यापार व व्यवसाय की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए आप पुरजोर प्रयास व परिश्रम करेंगे। नए-नए व बड़े आर्डर प्राप्त होंगे। काम-काज को गम्भीरता से लें, लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। सेम्पल फेल हो सकता है। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दीयों व प्रतिस्पर्धियों से कड़ी चुनौती मिलेगी। व्यापार में सतत प्रयास व क्वालिटी के साथ प्रतिबद्धता आपको उच्चतम शिखर पर लेकर जायेगी। अगर आप सरकारी नौकरी में हैं, तो आप किसी साजिश, षडयंत्र का शिकार हो सकते हैं। लेन-देन व रुपयों-पैसों के मामले में सावधानी रखें। अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों से व्यवहार नुकसानप्रद रहेगा। प्राईवेट नौकरी वाले जातकों को लक्ष्यों का दबा रहेगा। बॉस व अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य काम-काज में अस्थिरता रहेगी, कोई गलती या त्रुटि हो जाएगी। इस समय आपकी आलोचना या निंदा हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। महत्वपूर्ण निर्णय काफी सोच-समझकर लें। यात्राओं पर जोर रहेगा। जहां तक धन की बात है। रुपयों की आई चलाई रहेगी। सम्पत्ति संबंधी विवाद गहरा सकता है। सम्पत्ति के रख रखाव पर खर्चा होगा। इस साल के मध्य में आप नया वाहन खरीदने की प्लानिंग कर सकते हैं।
घर, परिवार संतान व रिश्तेदार:-
घर व परिवार इस साल आपकी प्राथमिकता पर रहेंगे। व्यापार में इस कारण कई बार ढिलाई रह सकती है, व नौकरी में बॉस व अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है फिर भी आप तमाम व्यस्तताओं व मुश्किलों के बावजूद परिवार के लिए अपनों के लिए समय निकाल लेंगे। वर्षारंभ में बृहस्पति तीसरे भाव में स्थित है। 2 जून से पूर्व घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ा सकता है। तथा आपको तबडतोड़ अस्पताल भागना पड़ सकता है। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य घर में किसी शुभ प्रसंग की स्थिति रहेगी। बृहस्पति उच्च राशि में आकर संतान संबंधी चिंता से राहत दिलाएगा। घर-परिवार में वातावरण जून के बाद थोड़ा हल्का फुल्का रहेगा। घर परिवार के सदस्य एक दसरे की भावनाओं के व स्थितियों के अनुसार आचरण व व्यवहार करेंगे।
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर:-
साल का उत्तरार्द्ध विद्यार्थियों के लिए लाभप्रद रहेगा। 2 जून तक शत्रु
क्षेत्री बृहस्पति के कारण अध्ययन में एकाग्रचित्तता नहीं बन पायेगी। ध्यान भटकेगा। करियर में भी चीजे त्वरितता से चल नहीं पायेगी। नौकरी पेशा व्यक्तियों को अपने काम को गम्भीरता व संजीदगी से लेना चाहिए। नौकरी में नए अवसरों का जन्म तो होगा, लेकिन आपको भी उन अवसरों को लपक कर लेने की आवश्यकता है। बॉस व अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य इच्छा के विपरित तबादला हो सकता है। विद्यार्थी पुस्तकों को अपना मित्र बनाएं व लक्ष्य को अपनी आंखों से ओझल नहीं होने दें इंजीनियरिंग, लीगल, व मैनेजमेण्ट कोर्सेज से सम्बन्धित विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। विद्यार्थी ॐ हनु हनुमते नमः मंत्र का जप करें।
प्रेम-प्रसंग व मित्र:-
पांचवे स्थान में केतु की स्थिति 5 दिसम्बर 2026 तक रहेगी। अतः प्रेम प्रसंगों को लेकर स्पष्टता नहीं आ पायेगी । मन में असमंजस व अनिर्णय रहेगा। शनि की साढेसाती का प्रभाव भी राशि पर है। अतः प्रेम संबंध बदनामी का कारण बन सकते हैं। अमर्यादित प्रेम संबंध व विवाहेत्तर प्रेम संबंधों से दूरी बनाकर रखें। इस साल मित्र आपकी हर सहायता करने को ततपर रहेंगे। खुशी व गम की हर बात आप मित्र के साथ साझा करेंगे। मतलब परस्त मित्र व छद्म मित्रों से भी सावधान रहें। इस वर्ष वर्ष के मध्य में किसी पुराने व घनिष्ठ मित्र से अचानक मुलकात हो जायेगी।
वाहन, खर्च व शुभकार्य:-
इस वर्ष शुभ कार्यों में विघ्न आएंगे। 27 जुलाई से 11 अगस्त के मध्य शनि की वक्र स्थिति रहेगी। अतः आपको वाहन सावधानीपूर्वक चलाना चाहिए। कोई अप्रिय व अशुभ घटना की स्थिति बन सकती है। वाहन की स्थिति ठीक रखें, समय-समय पर वाहन को चैक करवाते रहें। जहां तक खर्च की बात है। साल के उत्तरार्द्ध में संतान की शिक्षा, विवाह व अध्ययन आदि पर खर्च हो सकता है। इस साल शुभ कार्य के योग व संभावना कमजोर ही है। खर्चों को नियंत्रित करें, आवश्यक वस्तुओं पर ही खर्च करें, अन्यथा उधार लेने की भी नोबत आ सकती है।
हानि, कर्ज व अनहोनी:-
इस साल वर्ष पर्यन्त शनि की साढेसाती की स्थिति है। तथा 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि वक्र स्थिति में भी भम्रणशील रहेंगे, इस दरम्यान व्यापार व कारोबार में कोई गलत निर्णय हो सकता हैं, जो धनहानि में परिवर्तित होगा, वही आर्थिक मामलों में भी किसी पर विश्वास धोखा या विश्वासघात का कारण बन सकता है। व्यापार को नियमित सुचारू व सुव्यवस्थित ढंग से चलाने हेतु कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी मित्र या रिश्तेदार के साथ किसी अनहोनी से इन्कार नहीं किया जा सकता।
यात्राएं :-
बारहवा शनि आपको व्यर्थ की यात्राएं करवायेगा। किसी पारिवारिक या सामाजिक प्रसंग को लेकर यात्राएं हो सकती है। व्यपार व काम-काज को लेकर की गई यात्राएं निरर्थक सबित होंगी।
उपाय:-
वर्ष की शुभता में वृद्धि करने के लिए शनिवार व मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर के दर्शन करें। सवा चार रती का त्रिकोणा मूंगा मंगल यंत्र में जड़वाकर गले में धारण करें। हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करें।

मेष राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो अग्नि तत्त्व प्रधान होता है। यह पुरुष सूचक राशि है । मेष राशि का राशि चिन्ह 'मेढ़ा' है। इसका प्राकृतिक स्वभाव साहसी, अभिमानी व पौरुषशाली है। कोई जरा-सी विपरीत बात कह दे, तो इनको सहन नहीं होता। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र आता है, परंतु इनका क्रोध क्षणिक होता है।
मेष राशि के व्यक्ति प्रायः मध्यम कद के होते हैं। अति उत्साही होने के कारण कई बार जल्दबाजी में काम को गड़बड़ भी कर देते हैं। मेष राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। दूसरों की हुकूमत को ये लोग बिल्कुल भी पसन्द नहीं करते तथा एक खास बात और कि ये लोग दूसरों के आधिपत्य या हुकूमत में रहकर विकास नहीं कर सकते, जब ये लोग स्वतंत्र कार्य करेंगे तभी इनका विकास संभव होगा। इनको अपने मनोभावों पर नियन्त्रण रखना चाहिए, परंतु क्रोधावस्था के कारण ये अपना आत्मनियन्त्रण खो बैठते हैं।
सामान्यतया मेष लग्न में उत्पन्न जातक साहसी, पराक्रमी, तेजस्वी तथा परिश्रमी होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से वे जीवन में वांछित मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ रहते हैं। ये अत्यधिक सक्रिय एवं क्रियाशील होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से जीवन में इच्छित उन्नति प्राप्त करते हैं।
मेष लग्न के प्रभाव से जातक अपने शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को परिश्रम एवं निर्भयता से सम्पन्न करेंगे। इनमें स्वाभिमान का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा स्वपरिश्रम व योग्यता से जीवन में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे।
इनके स्वभाव में प्रारम्भ में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहेगा। फलतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध एवं चंचलता का प्रदर्शन करेंगे। जीवन में आपको जन्मभूमि के अतिरिक्त अन्य स्थान में सफलता प्राप्त नहीं होगी तथा वहीं आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। साथ ही सांसारिक सुखोपभोग के साधनों को भी आप परिश्रमपूर्वक अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करने में समर्थ होंगे।
इस लग्न में जन्में जातक को जीवन में काफी समस्याओं एवं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, परन्तु अपने परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा आप इनका सामना तथा समाधान करने में समर्थ होंगे। आपकी प्रवृत्ति में उदारता तथा सहिष्णुता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को आप अपना सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे आपके प्रति लोगों के मन में आदर का भाव उत्पन्न होगा।

आपके सांसारिक कार्य यद्यपि विलम्ब से सिद्ध होंगे, परन्तु गौरव एवं सम्मान का भाव बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको परिश्रम से उन्नति प्राप्त होगी तथा सामाजिक जनों के मध्य भी समय पर मान-सम्मान मिलता रहेगा। आपको अपनी प्रवृत्ति का अन्य जनों के समक्ष सादगीपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए तथा इसमें अनावश्यक दिखावे का समावेश नहीं करना चाहिए। जीवन में आपको इच्छित सुख-ऐश्वर्य एवं वैभव की प्राप्ति होगी। आप एक परिश्रमी, तेजस्वी, कार्य निकालने में चतुर, परन्तु मन्द गति से कार्य करने वाले होंगे तथा जीवन में आवश्यक सुखों का उपभोग करने में समर्थ होंगे।
आप बहुत ही परिश्रमी व साहसिक कार्यों में रुचि लेने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति प्राय: खेल-कूद, शिकार, सैनिक व पुलिस विभाग, मशीन, भट्टी व ज्वलनशील पदार्थों तथा धातु इत्यादि वस्तुओं में रुचि लेते देखे गए हैं।
धार्मिक विचारों में आपका दृष्टिकोण अन्य लोगों से भिन्न है। आप शक्ति के उपासक हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के धनी होते हैं तथा आपकी राशि अग्नि तत्त्व प्रधान होते हुए भी आप शर्त के पक्के होते हैं। आप झगड़ा करना पसन्द नहीं करते, परन्तु जब कोई सीमा का उल्लंघन करने की चेष्टा करता है, तो उसे जबरदस्त सबक सिखाए बिना नहीं रहते। युद्धकला में प्रायः ऐसे व्यक्ति निपुण होते हैं। भूमि व कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में ये प्रायः विजय प्राप्त करते हैं।
आपका भाग्योदय 28 वर्ष के पश्चात् होने की संभावना बनती है। परंतु इसके लिए कुण्डली में भाग्येश का विचार करना भी आवश्यक है।
यदि आपका जन्म 21 मार्च व 20 अप्रैल के मध्य हुआ है, तो आपका भाग्योदय निश्चित रूप से 28 वर्ष के पश्चात संभव है। आप पूर्णतः सेल्फमेड व्यक्ति हैं। आप अपना भाग्य स्वयं निर्मित करते हैं। परन्तु याद रखें, बिना परिश्रम के आपको विशेष लाभ होने की संभावना नहीं है।
यदि आपका जन्म ‘भरणी' नक्षत्र में है तथा आपका नाम ‘ल’ से आंरभ होता है, तो आप कुछ लम्बे कद वाले व्यक्तियों की गिनती में हैं। आपके अनेक मित्र हैं तथा मित्रजनों पर आपकी पूर्ण कृपा है। आपको छिछले एवं चुगलखोर मित्र कतई पसन्द नहीं। आप दूरदर्शी होने के साथ-साथ मितव्ययी भी हैं। फिजूल के खर्च व व्यर्थ के दिखावे में आपकी रुचि नहीं है। भ्रमण व घूमने-फिरने के शौक के साथ-साथ आपको उत्तेजनापूर्ण चटपटे भोजन में भी बहुत रुचि होती
है।
लाल रंग व ज्वलनशील पदार्थ आपके अनुकूल कहे जा सकते हैं। मंगल एक शौर्यवान व तेजोमय ग्रह होने से, जहां शांति व प्रसन्नता असफल हो जाती है, वहां पर आप झगड़े व डांट-डपट से अपना कार्य आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।
आपके लिए मंगलवार सर्वश्रेष्ठ शुभकारी रहेगा तथा इष्टदेव के रूप में हनुमानजी आपके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। आपका अनुकूल रत्न ‘मूंगा’ है।

मेष राशि वालों के लिए उपाय

1. मेष राशि वालों को बजरंगबली की उपासना, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कर्ज से निवृत्ति के लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
2. आजीविका (काम-काज, कार्यक्षेत्र) में यदि समस्या आ रही हो तो ‘मूंगा' अथवा ‘तामड़ा' युक्त 'मंगल यंत्र' गले में भी धारण करें।
3. मंगलवार का व्रत करें। मसूर की दाल व गुड़ गाय को खिलाएं। 4. तांबा और सोना के मिश्रण से सवा 5 से 9 रत्ती तक की अंगूठी
बनाकर धारण करें। लाभ होगा।
5. मूंगा या तामड़ा रत्न धारण करें। इनके अभाव में ताम्र का सिक्का
भी धारण किया जा सकता है।

मेष राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मेष
  2. राशि चिन्ह – मेढ़ा
  3. राशि स्वामी – मंगल
  4. राशि तत्त्व – अग्नि तत्त्व
  5. राशि स्वरूप – चर
  6. राशि दिशा – पूर्व
  7. राशि लिंग व गुण – पुरुष
  8. राशि जाति – क्षत्रिय
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, पित्त प्रकृति
  10. राशि का अंग – सिर
  11. अनुकूल रत्न – मूंगा
  12. अनुकूल उपरत्न – तामड़ा
  13. अनुकूल रंग – लाल
  14. शुभ दिवस – मंगलवार, रविवार
  15. अनुकूल देवता – शिवजी, भैरव, हनुमान
  16. व्रत / उपवास – मंगलवार
  17. अनुकूल अंक – 9
  18. अनुकूल तारीखें – 9, 18, 27
  19. मित्र राशियां – सिंह, तुला व धनु
  20. शत्रु राशियां – मिथुन व कन्या
  21. व्यक्तित्व – दबंग, क्रोधयुक्त व साहसी
  22. सकारात्मक तथ्य – कुटुंब को पालने वाला, चुनौतियों को स्वीकार करने वाला, सदैव क्रियाशील
  23. नकारात्मक तथ्य – घमंडी, अधैर्यशाली
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