पेरेंटिंग किसी भी कपल के जीवन का एक नया अध्याय होता है। इसलिए बच्चे के जन्म के बाद मैटरनिटी या पैटरनिटी लीव लेना सामान्य बात है। अमूमन ऐसा माना जाता है कि नवजात शिशु को अपने माता-पिता की बहुत अधिक जरूरत होती है।
लेकिन जब बच्चा 13-14 साल का हो जाए और माता-पिता कहें कि अब हमें अपने बच्चे के लिए समय चाहिए तो यह थोड़ा हैरान कर देने वाला हो सकता है।
इसी सोच से सामने आता है टीन-टर्निटी ट्रेंड। यह पेरेंटिंग कल्चर (Parenting Tips) में इस्तेमाल होने वाला एक आधुनिक शब्द है, जहां माता-पिता अपने किशोर (टीनेजर) बच्चों के भावनात्मक और पढ़ाई के तनाव को समझने के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस बनाते हैं और करियर से ब्रेक लेने या फिर काम का बोझ कम करने का फैसला लेते हैं।
टीन-टर्निटी आखिर क्या है?
टीन-टर्निटी का विचार किशोरावस्था में बच्चे के लिए माता-पिता की अतिरिक्त मौजूदगी और समय से जुड़ा है।सबसे पहले हम टीन-टर्निटी के बारे में समझते हैं। इसे आसान भाषा में टीनेज के दौरान पेरेंट्स का अपने बच्चे के लिए अतिरिक्त समय निकालना कह सकते हैं। इस उम्र में बच्चे भले ही शारीरिक रूप से स्वतंत्र दिखें, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से उन्हें माता-पिता के मार्गदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
टीन-टर्निटी क्यों जरूरी है?
टीनेज में बच्चे की जरूरतें काफी बदल जाती हैं। इस उम्र में सवाल केवल खाना खाया या नहीं? तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दोस्ती, सोशल मीडिया प्रेशर और करियर की चिंता से जुड़ जाता है। ऐसे में माता-पिता की मौजूदगी और उनका मार्गदर्शन बच्चे को काफी हद तक संभाल सकता है। इस उम्र में बच्चा धीरे.धीरे अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश करता है। इसलिए इस उम्र में वह हर बात पर माता-पिता की मदद नहीं मांगना चाहता। इसलिए वह सीधे मदद मांगने के बजाय यह चाहता है कि जब उसे जरूरत हो, तब उसके माता-पिता उपलब्ध रहें।
कौन-कौन सी चुनौतियां आती हैं?
पढ़ाई, दोस्ती, सोशल मीडिया और भविष्य की चिंता जैसे मुद्दे टीनएज में बच्चे के लिए नई चुनौतियां लेकर आ सकते हैं।टीनेज में बच्चे व पेरेंट्स को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मसलन-
- बोर्ड एग्जाम्स और एंट्रेंस टेस्ट का तनाव।
- मेरी समस्या हल कर दो की जगह मेरी बात ध्यान से सुनो की मांग।
- सोशल मीडिया के प्रभाव से बच्चों को बचाना।
क्या टीन-टर्निटी का मतलब नौकरी छोड़ना है?
बहुत से पेरेंट्स यह समझते हैं कि टीन-टर्निटी का मतलब अपनी नौकरी छोड़ देना है। जबकि ऐसा नहीं है। इस तरह का कोई नियम नहीं है, बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार चुना जाने वाला विकल्प है।
पेरेंट्स कौन-कौन से विकल्प अपना सकते हैं?
पेरेंट्स जॉब छोड़ने की जगह कुछ आसान विकल्प अपना सकते हैं। मसलन-
- फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑप्शन चुनना। ऐसे में पार्ट-टाइम, हाइब्रिड मॉडल या काम के घंटे कम करना शामिल हैं।
- परीक्षा के महीनों में कुछ हफ्तों की छुट्टी लेना, जिससे बच्चे को पर्याप्त समय दिया जा सके।
- रोज शाम को एक निश्चित समय बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताना।
टीन-टर्निटी अपनाने से पहले खुद से पूछें ये 5 सवाल
बच्चे के लिए बड़ा फैसला लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि उसकी वास्तविक जरूरत क्या है और आपके लिए कौन-सा विकल्प व्यावहारिक है।अगर आप भी अपने बच्चे की बेहतर केयर के लिए टीन-टर्निटी अपनाना चाहती हैं तो पहले खुद से कुछ सवाल अवश्य पूछें। मसलन-
- मेरे बच्चे को वास्तव में किस चीज की जरूरत है? क्या उसे पढ़ाई में मदद चाहिए, भावनात्मक सहारा चाहिए, या सिर्फ यह भरोसा कि आप उसके साथ हैं?
- क्या मेरी मौजूदगी से ही समस्या हल होगी? अगर बच्चा डिप्रेशन या एंग्जाइटी से जूझ रहा है, तो केवल घर पर रहने के बजाय प्रोफेशनल काउंसलर की मदद लें।
- क्या यह फैसला किसी अपराधबोध में तो नहीं लिया जा रहा?
- क्या यह जिम्मेदारी सिर्फ मां की है? या फिर पिता को भी इसमें शामिल किया जा सकता है?
- क्या पूरी तरह जॉब छोड़ने के बजाय छुट्टी लेने या हाइब्रिड वर्क जैसे विकल्पों पर चुने जा सकते हैं?
FAQ
Q. टीन-टर्निटी ट्रेंड क्या है? A. टीन-टर्निटी (Teen-Ternity) एक आधुनिक पेरेंटिंग ट्रेंड है जहाँ माता-पिता अपने 13 से 19 वर्ष के किशोर बच्चों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए करियर से ब्रेक लेते हैं या काम के घंटे कम करते हैं। Q. क्या Teen-Ternity के लिए जॉब छोड़ना अनिवार्य है? A. नहीं, नौकरी छोड़ना बिल्कुल अनिवार्य नहीं है। आप फ्लेक्सिबल वर्किंग, हाइब्रिड मोड या परीक्षा के समय छुट्टी लेकर भी बच्चे को समय दे सकते हैं। Q. क्या Teen-Ternity से महिलाओं के करियर पर असर पड़ता है? A. यदि यह जिम्मेदारी केवल मां पर डाली जाए, तो महिलाओं के करियर में ब्रेक आ सकता है। इसलिए माता-पिता दोनों को मिलकर जिम्मेदारी बांटनी चाहिए।

