Hindi Poem: सांत्वनाएँ सभी देंगेमगर तुम्हारे संघर्ष मे तुम्हारा साथ कोई नहीं देगा
सब कहेंगे कि तुम बहुत सबल हो
मगर तुम्हारे टूटे मन की व्यथा कोई नहीं सुनेगा
तुम्हारी हर मुस्कान पर सवाल उठेंगे
तुम हर दिन बिखरोगी
मगर कोई तुम्हें नहीं समेटेगा
मगर फिर भी जीना तो है
तुम भी जीना अपने लिए
देखना फिर उन ख्वाबों को
जो तुम भूल गई थी
और सुनों! दुनियां केवल दर्द देखना चाहती है
तुम केवल उन्हें अपना हौसला दिखाना।

