लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) उपनिरीक्षक (यूपी एसआई) भर्ती परीक्षा (UP SI) Recruitment Examination) में हिंदी अनुभाग के एक प्रश्न के पूछे जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स से कहा है कि सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देश दें कि हैबिचुअल ऑफेंडर्स (बार-बार गलती करने वाले) को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या सम्प्रदाय की मर्यादा और आस्था के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी या संदर्भ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में पेपर सेटर्स के साथ किए जाने वाले एमओयू (समझौता ज्ञापन) में भी इस विषय को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही बारिश को देखते हुए भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे फील्ड में जाकर फसलों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। साथ ही राहत आयुक्त को अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय बनाकर किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि 14 मार्च को आयोजित यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के हिंदी अनुभाग में एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को ‘अवसरवादी’ के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इस प्रश्न को लेकर ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत होने की बात सामने आई, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

