नयी दिल्ली: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्यसभा सांसद संदोष कुमार पी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है और आयोग के दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी की मुहर पाये जाने के मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संदोष कुमार ने सोमवार को इस संबंध में आयोग को पत्र लिख कर कहा कि आयोग के एक आधिकारिक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी की मुहर पाई गयी, जिसे “लिपिकीय त्रुटि” बताकर टाल दिया गया। उन्होंने पत्र में केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पर पुराने दिशा-निर्देश प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया है।
संदोष कुमार ने इसे प्रशासनिक लापरवाही से आगे बढ़कर संस्थागत विश्वसनीयता पर आघात बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस मामले की तत्काल निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई, जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करने की मांग की है।
गौरतलब है कि इस मामले में चुनाव आयोग ने बयान जारी कहा, "हमें यह जानकारी मिली है कि भाजपा की मुहर लगी चुनाव आयोग की एक चिट्ठी कई न्यूज चैनलों पर प्रसारित की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय स्पष्ट करता है कि यह केवल एक लिपिकीय त्रुटि थी, जिसे तुरंत पहचान कर सुधार लिया गया।"

