Acharya Chanakya : आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति (Chanakya Niti) नाम की एक किताब लिखी, इस किताब में चाणक्य ने कई ऐसी बातें बताई हैं। जो आज के समय में भी गाइड कर रही हैं। परिवार का एक आइडियल मुखिया कैसा होना चाहिए?
उसकी क्या खासियतें होनी चाहिए? उसमें कौन से गुण होने चाहिए? और अगर उसमें ये गुण न हों तो क्या होगा? चाणक्य ने अपनी किताब में इस बारे में कई बातें बताई हैं। चाणक्य कहते हैं कि किसी भी घर में परिवार के मुखिया का रोल सबसे बड़ा होता है। अगर हम परिवार को एक पेड़ की उपमा दें, तो परिवार का मुखिया उस पेड़ की जड़ होता है। पूरा परिवार इन्हीं जड़ों पर खड़ा होता है। हालांकि, अगर ये जड़ें कमजोर हो जाएं, तो पेड़ ज्यादा समय तक खड़ा नहीं रह पाएगा। वह पेड़ गिर जाएगा, इसलिए परिवार के मुखिया के पास कुछ चीजें होना जरूरी है, अगर उसके पास वे चीजें नहीं होंगी, तो पूरा परिवार बर्बाद हो जाएगा, ऐसा चाणक्य कहते हैं। तो चलिए जानते हैं कि चाणक्य ने इस बारे में क्या कहा है?
पैसा – चाणक्य कहते हैं कि दुनिया में पैसे जितना ज़रूरी कुछ भी नहीं है, इसलिए परिवार के मुखिया को अपने परिवार को पालने के लिए पैसा कमाना चाहिए, यह उसका पहला फ़र्ज़ है। क्योंकि पूरा परिवार उसी पर निर्भर करता है।
फ़र्ज़ – पैसा कमाना ही परिवार के मुखिया का काम नहीं है। परिवार के मुखिया की अपने परिवार के प्रति कुछ और भी ज़िम्मेदारियाँ होती हैं, जिन्हें उसे पूरा करना होता है।
शिक्षा – परिवार के मुखिया को हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि उसके बच्चों को अच्छी और अच्छी शिक्षा मिले, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई भी भविष्य के लिए एक तरह का इन्वेस्टमेंट है।
धर्म – चाणक्य कहते हैं कि जैसे परिवार के मुखिया की घर की ज़िम्मेदारी होती है, वैसे ही धर्म के लिए भी उसकी कुछ ज़िम्मेदारियाँ होती हैं। इसलिए उसे दिन में अपना कुछ समय धर्म के लिए देना चाहिए।
सामाजिक जागरूकता – चाणक्य ने यह भी कहा है कि उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह घर की देखभाल कर रहा है, लेकिन उसे समाज को भी कुछ देना है।

