RBI MPC Repo Rate EMI: भारत की टॉप बैंकिंग संस्था, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने 6 अप्रैल से शुरू हो रही तीन दिन की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग (MPC) के आखिरी दिन 8 अप्रैल को एक अहम ऐलान किया।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने मीटिंग में लिए गए फैसलों का ऐलान किया। इस मीटिंग के बाद सबका ध्यान इस बात पर था कि होम लोन की EMI घटेगी या बढ़ेगी।
हाल ही में हुई मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग के मुताबिक, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और इंटरेस्ट रेट को 5.25 परसेंट पर स्थिर रखा गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि RBI की तरफ से पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले फरवरी में RBI ने इंटरेस्ट रेट को 5.25 पर स्थिर रखा था। इससे पहले रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई थी।
लोन की किस्त पर क्या असर पड़ेगा?
RBI ने रेपो रेट को लेकर जो फैसला लिया है और ब्याज दरें स्थिर हैं, उसे देखते हुए आम आदमी पर होम लोन से लेकर गाड़ी और एजुकेशन लोन तक का तुरंत कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। जिसकी वजह से यह देखना ज़रूरी होगा कि ये आंकड़े शेयर बाज़ार में कैसे दिखेंगे।
पिछले साल RBI ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स यानी 1.25 परसेंट की कटौती की थी। हालांकि, उसके बाद से महंगाई का ग्राफ बढ़ने और आर्थिक विकास में मंदी की वजह से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ रेट को संशोधित कर 6.9 परसेंट कर दिया गया। पहले यह आंकड़ा 6.9 परसेंट था। तो, दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 7 परसेंट पर पहुंच गया, जो पहले 6.8 परसेंट था।
रेपो रेट क्या है?
जिस रेट पर भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि बैंकों को RBI से ज़्यादा रेट पर लोन लेना होगा। जिसके कारण होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की लोन की किस्तों पर पड़ेगा। जिसके कारण सभी का ध्यान रेपो रेट की घोषणा पर केंद्रित है।

