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लीसा मिश्रा ने 2022 में छह महीने तक आवाज़ खोने के बारे में किया खुलासा

लीसा मिश्रा ने 2022 में छह महीने तक आवाज़ खोने के बारे में किया खुलासा

मुंबई: गायिका और अभिनेत्री लीसा मिश्रा (Singer and actress Lisa Mishra) ने हाल ही में अपने जीवन का एक बेहद निजी अनुभव साझा किया, जिसे आमतौर पर लोग एक सफल और लगातार परफॉर्म करने वाले कलाकार से जोड़कर नहीं देखते।

लीसा मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी आवाज़ लगभग छह महीने के लिए पूरी तरह चली गई थी। इसका कारण वोकल नोड्यूल्स (vocal nodules) थे, जो ज़्यादा इस्तेमाल और दबाव के कारण वोकल कॉर्ड्स पर बनने वाले छोटे-छोटे कठोर उभार होते हैं।

लीसा इस समय को अपने करियर का सबसे कठिन दौर मानती हैं। एक पेशेवर गायिका के लिए आवाज़ सिर्फ एक साधन नहीं होती, बल्कि उसकी पहचान, रोज़गार और भावनात्मक सहारा भी होती है। इसे खो देना न सिर्फ करियर के लिए बड़ा झटका होता है, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत भारी पड़ता है। लीसा ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए कितना मुश्किल था, क्योंकि इस दौरान उन्हें डर, आत्म-संदेह और अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।

अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। हाल ही में लीसा ने लगातार चार दिनों तक कई शो किए, और इस दौरान उनकी आवाज़ पूरी तरह ठीक रही, बिना किसी परेशानी के। उनके लिए यह सिर्फ सफल परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि उस कठिन दौर से बाहर आने की एक बड़ी जीत है। अपने अनुभव को साझा करते हुए लीसा ने कहा कि 2022 में वोकल स्ट्रेन की वजह से उनकी आवाज़ छह महीने तक पूरी तरह चली गई थी, जो उनके लिए बेहद दर्दनाक अनुभव था। एक गायिका के लिए आवाज़ ही सब कुछ होती है आत्मविश्वास, करियर और पहचान। कई बार उन्हें लगा कि शायद वे फिर कभी पहले की तरह गा नहीं पाएंगी।

जब भी वे गाने की कोशिश करतीं, तो आवाज़ की जगह सिर्फ हल्की-सी हवा निकलती थी। लेकिन अब लगातार कई शो करने के बाद उनकी आवाज़ पहले से ज़्यादा बेहतर महसूस हो रही है, खासकर तकनीक में बदलाव के बाद। उन्होंने बताया कि इस दौर ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और अपने काम के प्रति सम्मान सिखाया। आवाज़ एक ऐसा माध्यम है जिसका इस्तेमाल हम रोज़मर्रा की बातचीत में भी करते हैं, इसलिए जब इसमें समस्या आती है तो ठीक होने के लिए बोलना, फुसफुसाना या गुनगुनाना भी बंद करना पड़ता है।

यह अनुभव उनके लिए सीखने और खुद को बदलने वाला साबित हुआ। लीसा ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें यह समझाया कि एक प्रोफेशनल सिंगर होना सिर्फ मंच की चमक और तालियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे लगातार अभ्यास, आवाज़ का ध्यान रखना, शारीरिक अनुशासन और मानसिक मज़बूती बहुत ज़रूरी होती है। सही ट्रेनिंग, आराम और अपने शरीर की सुनना इन सबने उन्हें न सिर्फ अपनी आवाज़, बल्कि अपना आत्मविश्वास भी वापस पाने में मदद की।

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