इम्फाल: मणिपुर सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को यहां 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी-जी-रामजी) के तहत मीडिया संवाद आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम जन-संवाद अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य इस नयी योजना के प्रावधानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
वीबी-जी-रामजी दरअसल मनरेगा का ही उन्नत और संशोधित संस्करण है, जिसे 'विकसित भारत' ढांचे के तहत पेश किया गया है। इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।
ग्रामीण विकास आयुक्त सुमंत सिंह ने संवाद के दौरान बताया कि यह मिशन न केवल रोजगार सुनिश्चित करता है, बल्कि जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जलवायु अनुकूलन जैसी टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण पर भी केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य मीडिया के माध्यम से इस कानूनी अधिकार की जानकारी जन-जन तक पहुँचाना है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

