Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
बिहार में दाखिल-खारिज पर सख्त रुख, अब 15 दिन में हर हाल में होगा निपटारा

बिहार में दाखिल-खारिज पर सख्त रुख, अब 15 दिन में हर हाल में होगा निपटारा

Happy News 2 weeks ago
टना। बिहार सरकार ने राज्य में लंबित दाखिल-खारिज मामलों को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी लंबित मामलों का निपटारा 15 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए।
इस फैसले के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और जिलों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश भेजे जा रहे हैं।

तीन लाख से अधिक मामले लंबित

राज्य में फिलहाल दाखिल-खारिज से जुड़े करीब तीन लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं। इनमें से कई मामले मामूली तकनीकी त्रुटियों या दस्तावेज़ों की जांच में देरी के कारण अटके हुए हैं। विभाग का मानना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी न होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दोबारा जारी हुआ सख्त निर्देश

दिलचस्प बात यह है कि इसी महीने की 13 तारीख को भी विभागीय स्तर पर इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। अब मंत्री स्तर से फिर से सख्त निर्देश आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता पर लेकर काम कर रही है। इसके बाद सभी जिलाधिकारियों को एक बार फिर तेजी से लंबित मामलों के निपटारे के लिए कहा गया है।

अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी

नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों की भूमिका पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। यदि किसी आवेदन में त्रुटि बताई जाती है, तो उसकी अनिवार्य जांच की जाएगी। गलत या अनुचित कारण पाए जाने पर आवेदन को सीधे खारिज करने के बजाय सुधार की प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया गया है।

तकनीकी कारणों पर सख्ती कम करने का फैसला

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब छोटे-मोटे तकनीकी कारणों के आधार पर आवेदन बार-बार वापस नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदनों की जांच सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करें ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और काम तेजी से आगे बढ़ सके।

15 दिनों में डिफेक्ट चेक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया

विभाग ने यह लक्ष्य तय किया है कि सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन आवेदनों में सुधार की जरूरत है, उन्हें सीधे आवेदक को लौटाने के बजाय सुधार प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाए।

सरकार के इस फैसले से बिहार के आम लोगों को राहत की उम्मीद

सरकार के इस कदम से राज्य के लाखों लोगों को राहत मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके दाखिल-खारिज मामलों के निपटारे से न सिर्फ फाइलों का बोझ कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी कम लगाने पड़ेंगे। हालांकि, असली चुनौती यह होगी कि प्रशासन इस तय समयसीमा के भीतर कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ इन मामलों का निपटारा कर पाता है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Happy News Hindi