इन 8 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
नए विकास प्राधिकरण में प्रयागराज, चित्रकूट, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, बांदा, हमीरपुर और महोबा को शामिल किया गया है। शुरुआत में प्रस्ताव में प्रतापगढ़ और महोबा का नाम नहीं था, लेकिन कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों के सभी जिलों को प्राधिकरण का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया। इससे अब पूरे क्षेत्र में एक समान विकास योजनाओं को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
सुनियोजित विकास पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि अलग-अलग जिलों के बजाय पूरे क्षेत्र को एक इकाई मानकर विकास योजनाएं तैयार करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे। सड़क, परिवहन, आवास, जलापूर्ति, औद्योगिक विकास और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार समन्वित तरीके से किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण बनने के बाद औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार होने की उम्मीद है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं के जरिए क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है।
अधिसूचना जारी होने के बाद गठन प्रभावी
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी। अधिसूचना लागू होते ही प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएगा और विकास योजनाओं पर काम शुरू किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस प्राधिकरण के गठन से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन विकास की गति जरूर तेज होगी।

