Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
यूपी के इन गांवों में चकबंदी पूरी, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

यूपी के इन गांवों में चकबंदी पूरी, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

Happy News 1 week ago
खनऊ। उत्तर प्रदेश के कई गांवों में लंबे समय से लंबित चकबंदी प्रक्रिया आखिरकार पूरी कर दी गई है। इस फैसले से जमीन मालिकों और किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि वर्षों से चल रहा भूमि विवाद और असमंजस अब समाप्त होने की दिशा में पहुंच गया है।
खासकर कन्नौज के अकबपुर गांव में 45 वर्षों बाद चकबंदी प्रक्रिया पूरी होना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

वर्षों पुरानी प्रक्रिया का हुआ अंत

चकबंदी केवल जमीन के पुनर्वितरण की प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह गांवों में भूमि से जुड़े विवादों को खत्म करने और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कन्नौज के अकबपुर गांव में लगभग चार दशक से अधिक समय से यह प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। इसी तरह बिजनौर के कस्बा झालू, सहारनपुर के डालामाजरा और प्रयागराज के राजेपुर मय सराय अरजानी जैसे गांवों में भी लंबित चकबंदी कार्य पूरा किया गया है।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

चकबंदी आयुक्त ने हाल ही में सभी जिलाधिकारियों से लंबित चकबंदी वाले गांवों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जहां भी प्रक्रिया लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि हर सप्ताह चकबंदी की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से चकबंदी कार्यालय को भेजी जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर निगरानी बनी रहे।

प्रदेश के कई जिलों में एक साथ काम पूरा

हाल ही में प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के कुल 14 गांवों में भी लंबित चकबंदी प्रक्रिया पूरी की गई है। इससे हजारों किसानों और जमीन मालिकों को अपने भूमि अधिकारों को लेकर स्पष्टता मिली है। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि से जुड़े विवादों को कम करने और विकास कार्यों को गति देने में मददगार साबित हो सकता है।

कुछ गांवों को चकबंदी से किया गया अलग

इसके अलावा हरदोई के गांव टैनी, चित्रकूट के कौडर (कुन्दर) और अयोध्या के माफा रामपुर हलवारा को चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत इस प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

चकबंदी से किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

चकबंदी पूरी होने के बाद किसानों को अपनी जमीन की स्पष्ट सीमाएं और रिकॉर्ड मिलते हैं, जिससे भूमि विवादों में कमी आती है। साथ ही खेती और विकास कार्यों की योजना बनाना भी आसान हो जाता है। लंबे समय से जिन गांवों में यह प्रक्रिया अटकी हुई थी, वहां अब विकास कार्यों के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Happy News Hindi