सोमा शर्मा- गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। छुरा-कुसमी मार्ग पर बरसाती नाले पर बना कोसुमबूड़ा पुल तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
दर्जनों गांवों का आवागमन ठप
पुल टूटने के बाद नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादर, बम्हनी सहित कई गांवों के लोगों का छुरा मुख्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। यह मार्ग ओडिशा की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में भी शामिल है, इसलिए इसका असर स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ यात्रियों पर भी पड़ रहा है।
सोमवार से बढ़ सकती है परेशानी
रविवार होने के कारण प्रशासनिक और शासकीय गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन सोमवार से स्कूल, कार्यालय और अन्य जरूरी कामकाज शुरू होने पर हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल पुल के दोनों ओर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही पूरी तरह बंद है।
पुराने पुल को बदलने की मांग फिर उठी
ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसे हटाकर नया पुल बनाने की मांग कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पहली ही तेज बारिश में पुल के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

वैकल्पिक मार्ग की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने और नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से आवाजाही करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ेंगे।
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गरिमा थवाईत

