जानिए क्यों इस मंगलवार को लाखों भक्त इंतजार कर रहे हैं...
28 April 2026 Ka Panchang: 28 अप्रैल 2026 मंगलवार को हिंदू पंचांग में दुर्लभ संयोग बन रहा है। बैशाख शुक्ल द्वादशी + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र + भौम प्रदोष व्रत + रुक्मिणी द्वादशी + परशुराम द्वादशी- ये सारे पवित्र योग एक दिन में आ रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी महाराज के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की आराधना, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के दिव्य मिलन की स्मृति और भगवान परशुराम के पूजन का एक साथ मिलना अत्यंत दुर्लभ और फलदायी है।
आज अगर आपने ये समय नहीं जाना तो... बहुत कुछ छूट सकता है!
आज बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। यह नक्षत्र सुख, समृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थिरता और सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:43 से 5:28
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 1:02
- अमृत काल: दोपहर 2:41 से 4:20
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:58 से 7:21
जो लोग इस दिन विधि-विधान से व्रत-पूजा करेंगे, उन्हें आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा में अप्रत्याशित वृद्धि मिलने की प्रबल संभावना है।
आज का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भाग्य बदलने का मौका है! पूरी डिटेल, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय नीचे पढ़ें
भौम प्रदोष व्रत
धार्मिक दृष्टि से यह दिन कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्वों का संगम है। इस दिन भौम प्रदोष व्रत किया जाएगा, जो विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होता है। साथ ही रुक्मिणी द्वादशी और परशुराम द्वादशी भी मनाई जाएगी। रुक्मिणी द्वादशी भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य मिलन की स्मृति में मनाई जाती है, जबकि परशुराम द्वादशी भगवान परशुराम के पूजन के लिए समर्पित है।
राहुकाल
राहुकाल के समय में किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। विभिन्न शहरों के अनुसार राहुकाल का समय अलग-अलग रहेगा। भोपाल में यह समय दोपहर 3:32 से शाम 5:09 तक रहेगा। इस दौरान नए कार्य, निवेश या यात्रा से बचना उचित माना जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय सुबह 5:41 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:54 बजे होगा। यह समय दिनचर्या और धार्मिक कार्यों की योजना बनाने में सहायक होता है।
कुल मिलाकर 28 अप्रैल 2026 का दिन आध्यात्मिक उन्नति, व्रत-पूजा और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। यदि आप इस दिन विधि-विधान से पूजा करते हैं और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हैं, तो आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु, भगवान शिव और भगवान परशुराम की आराधना के लिए उत्तम अवसर प्रदान करता है।
दिलीप चतुर्वेदी

