यशवंत गंजीर- धमतरी। संभावित अल्प एवं अनियमित वर्षा की चुनौती से निपटने के लिए कृषि विभाग ने जिले के कृषक मित्रों को वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण में जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती, जल संरक्षण, कम अवधि वाली फसलों के चयन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि किसान विपरीत मौसम में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कृषि विभाग परिसर में आयोजित प्रशिक्षण में अनुविभागीय कृषि अधिकारी मनोज सागर, कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. अमित सिन्हा, आत्मा के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर फते लाल पटेल, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक योगेंद्र सिन्हा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और जिले के सभी विकासखंडों के कृषक मित्र शामिल हुए। विशेषज्ञों ने सुपर एल नीनो के संभावित प्रभावों के मद्देनजर किसानों को समय रहते जागरूक करने और वैज्ञानिक सलाह गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया।

वैज्ञानिक खेती और जल संरक्षण की तकनीकों पर विशेष फोकस
प्रशिक्षण के दौरान कम अवधि वाली धान, दलहनी एवं तिलहनी फसलों के चयन, डायरेक्ट सीडेड राइस (सीधी बुवाई), खेतों में नमी संरक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन और जल संरक्षण की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते मौसम में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
फसल बीमा योजना से अधिक किसानों को जोड़ने की अपील
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला प्रबंधक दुष्यंत कौशिक ने धान, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी और रागी सहित अधिसूचित फसलों के बीमा की प्रक्रिया, पात्रता और अंतिम तिथि की जानकारी दी। उन्होंने कृषक मित्रों से अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने का आह्वान किया। कृषि विभाग ने सभी कृषक मित्रों से विभागीय योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ प्रत्येक गांव तक पहुंचाने की अपील की, ताकि किसानों की आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो सके।
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गरिमा थवाईत

