शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा।
दोपहर करीब 2:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 919 अंकों की तेज छलांग के साथ 77936 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी-50 302 अंकों की बढ़त के साथ 24335 के करीब कारोबार करता नजर आया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को बाजार में गिरावट दर्ज हुई थी, लेकिन आज के सत्र में तेजी ने माहौल पूरी तरह बदल दिया।
इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश एक प्रारंभिक समझौते के करीब हैं, जिससे युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ी है। इसका सकारात्मक असर ग्लोबल मार्केट्स के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी
दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड करीब 6 फीसदी गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलती है, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़ती है।
बैंकिंग शेयरों में हुई अच्छी खरीदारी
बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सरकार ने ईरान संकट से प्रभावित कारोबारों के लिए करीब 15,800 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना को मंजूरी दी है। इसका सीधा फायदा बैंकों को मिल सकता है, इसलिए बैंकिंग इंडेक्स में तेजी आई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो FMCG को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 1 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली, जो बाजार की मजबूती को दिखाता है।
व्यक्तिगत शेयरों में हीरो मोटो कॉर्प के शेयर करीब 2.6 फीसदी चढ़े, क्योंकि कंपनी ने उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही। आईटी कंपनी कोफोर्ज के शेयर 8 फीसदी से ज्यादा उछले, जबकि लार्सन एंड टूब्रो में मुनाफा गिरने की खबर से गिरावट आई।
वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए सकारात्मक रहे। एशियाई बाजारों में तेजी रही और अमेरिकी बाजार भी मजबूत बंद हुए। इसके अलावा इंडिया विक्स में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जो बाजार में डर कम होने का संकेत है।
रुपया भी हुआ मजबूत
रुपया भी मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 23 पैसे चढ़कर 94.95 पर पहुंच गया। जानकारों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
हरिभूमि बिज़नेस डेस्क

