
हरियाणा के बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में रविवार की सुबह अचानक दो फैक्ट्रियों में भयानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में वहां ड्यूटी पर तैनात दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया है।
यह पूरी घटना हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (HSIIDC) के सेक्टर-17 की है। जिन फैक्ट्रियों में यह हादसा हुआ, वहां जूते और गद्दे तैयार किए जाते थे।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं दोनों घायल श्रमिक
इस भीषण अग्निकांड में झुलसे दोनों मजदूरों की पहचान हो चुकी है। इनमें से एक 30 वर्षीय मोनू है, जो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का निवासी है। वहीं दूसरा घायल श्रमिक 25 वर्षीय दीपक है, जो यूपी के ही कानपुर का रहने वाला है। ये दोनों कर्मचारी सेक्टर-17 के प्लॉट नंबर 261 में स्थित जूता निर्माण इकाई में काम कर रहे थे, तभी वे इस हादसे का शिकार हो गए।
सुबह 7 बजे भड़की चिंगारी, देखते ही देखते फैली आग
घटनाक्रम की शुरुआत रविवार सुबह तकरीबन 7 बजे हुई। सेक्टर-17 के प्लॉट संख्या 261 में संचालित जूता बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले परिसर में रखे कच्चे माल और पैकेजिंग के सामान में लगी थी।
जूता फैक्ट्री में रखे केमिकल्स और अन्य ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग ने चंद मिनटों में ही पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हवा की तेज रफ्तार ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें और ऊंची उठने लगीं। आसमान में काले धुएं का गुबार देखकर फैक्ट्री के भीतर और आसपास के इलाके में भगदड़ मच गई।
पड़ोसी गद्दा फैक्ट्री भी आई चपेट में
आग का रूप इतना विकराल था कि इसने जल्द ही पास के ही प्लॉट नंबर 262 में स्थित 'शांति इंटरप्राइजेज' को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस दूसरी फैक्ट्री में गद्दे बनाने का काम होता था। गद्दों के निर्माण में बड़े पैमाने पर रसायनों (कैमिकल) का प्रयोग किया जाता है। जैसे ही आग इन केमिकल्स तक पहुंची, एक जोरदार धमाके के साथ पूरी फैक्ट्री धू-धू कर जलने लगी और पूरे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई।
हादसे के वक्त फैक्ट्रियों में मौजूद अन्य श्रमिकों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तुरंत इस घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन को दी।
दिल्ली और रोहतक से मंगानी पड़ीं दमकल गाड़ियां
हादसे की सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ फायर स्टेशन की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं। हालांकि, आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय संसाधन कम पड़ गए। इसके बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए झज्जर, रोहतक और देश की राजधानी दिल्ली से दमकल विभाग की अतिरिक्त गाड़ियों को आपातकालीन स्थिति में बुलाना पड़ा।
आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया
फैक्ट्रियों में लगी इस भयंकर आग को बुझाने का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आग लगने की मुख्य वजह क्या थी, इसका अभी तक सटीक पता नहीं चल पाया है। दमकल कर्मी और पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से आग को शांत करने में जुटे हैं। इस हादसे में कितने करोड़ रुपये का माल जलकर खाक हुआ है, इसका सही अंदाजा आग पूरी तरह बुझने और जांच प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही लग पाएगा।
आनंद नायक

