सोमा शर्मा- गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिर जतमई का जलप्रपात बीती रात हुई लगातार बारिश के बाद एक बार फिर पूरे शबाब पर लौट आया है। बारिश के चलते जलप्रपात में पानी का तेज बहाव शुरू हो गया है, जिससे जतमई और आसपास के जंगलों का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है।
सूखे पड़े झरने फिर से जीवंत हो उठे हैं और पूरी वादियां हरियाली से सराबोर हो गई हैं।
रविवार और अवकाश का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक जतमई पहुंचकर सुहावने मौसम और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच लोग झरने के पास पहुंचकर बारिश में भीगते हुए मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं। जलप्रपात में पानी आने के बाद यहां का आकर्षक दृश्य सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है। हर वर्ष जून में शुरू होने वाला यह जलप्रपात इस बार मानसून की देरी के कारण जुलाई में चालू हुआ है। हालांकि एक रात की अच्छी बारिश ने पूरे क्षेत्र का मौसम बदल दिया है और जतमई-घटारानी के जंगलों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। जलप्रपात के आसपास न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। ऐसे में पर्यटक बिना किसी रोक-टोक के फिसलन भरे और संवेदनशील क्षेत्रों में घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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रेवतीरमन द्विवेदी

