
भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती-2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को आंदोलन के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठी एक महिला अभ्यर्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
वह धरनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। साथी अभ्यर्थियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
अभ्यर्थी वर्ग-2 माध्यमिक शिक्षक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा पास करने के बावजूद सीमित पदों के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को नौकरी का मौका नहीं मिल पा रहा है।
तीन दिन से भूख हड़ताल पर थी महिला
जानकारी के मुताबिक महिला अभ्यर्थी पिछले तीन दिनों से पदवृद्धि की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी थी। लगातार अनशन के बीच शुक्रवार को उसकी हालत बिगड़ गई। अचानक चक्कर आने के बाद वह बेहोश होकर गिर गई। मौके पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने उसे संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
यह आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले 25 अगस्त को कई दिनों से अनशन कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत भी खराब हो गई थी। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा था।
रक्षाबंधन पर भी धरने पर डटे रहे
पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा है। रक्षाबंधन के दिन भी कई महिला और पुरुष अभ्यर्थी अपने घर नहीं गए और नीलम पार्क में धरने पर बैठे रहे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार पद की मांग
आंदोलनकारी वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के लिए करीब 3-3 हजार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कुल 25 हजार पद किए जाने की मांग है। अभ्यर्थियों की एक प्रमुख मांग बढ़े हुए पदों के आधार पर दूसरी काउंसलिंग कराने की भी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पद बढ़ने से परीक्षा में सफल और पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा। फिलहाल, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद आंदोलनकारी नीलम पार्क में प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं।
भरत श्रीवास्तव

