
Bihar Monsoon Session 2026: बिहार विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र इस बार काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पांच दिवसीय सत्र 20 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित किया जा सकता है।
हालांकि तारीखों का आधिकारिक ऐलान होना अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि एक-दो दिनों में सरकार इसकी विधिवत घोषणा कर देगी।
यह सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी पहली बार विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करेंगे।
अनुपूरक बजट और विधायी कार्य
संसदीय गलियारों में चर्चा है कि सत्र के पहले दिन सरकार द्वारा करीब 50 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया जा सकता है। सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक भी सदन के पटल पर रखेगी। हालांकि, सरकार के विधायी कार्यों से अधिक विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले भ्रष्टाचार और अपराध के मुद्दों पर सदन का ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।
रिशुश्री टेंडर फिक्सिंग का मुद्दा
रिशुश्री प्रकरण और सरकारी विभागों के टेंडर में कथित घपले-घोटाले को लेकर विपक्ष पहले से ही हमलावर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस पूरे मामले में कई बड़े अधिकारी और प्रभावशाली नेता शामिल हैं, जिन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। सदन में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा होने की संभावना है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर गरमाएगी सियासत
भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर का मामला मानसून सत्र का सबसे प्रमुख मुद्दा हो सकता है। इस घटना में पुलिस की फायरिंग से भरत तिवारी की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही विपक्ष लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। यहाँ तक कि सत्ताधारी गठबंधन के कई बड़े नेता भी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
लालू-राबड़ी आवास और सुरक्षा का विवाद
विपक्ष राबड़ी देवी को 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली कराए जाने और लालू-राबड़ी देवी की सुरक्षा में की गई कटौती को भी हथियार बनाएगा। हालांकि, दोनों नेताओं को पुनः जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, लेकिन पूर्व में एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने और आवास खाली कराने के मुद्दे पर राजद, कांग्रेस और वामदल सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।
Vishal

