रायपुर । पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ (महासंघ) को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में महासंघ ने बिजली कर्मियों की प्रमुख मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर शासन स्तर पर गंभीरता से विचार कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बैठक में ओपीएस बहाली के अलावा बिजली कंपनियों में कर्मचारियों की भारी कमी, बढ़ते कार्यभार और दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने नियमित भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के लिए विज्ञापन जारी करने और भविष्य में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
आंदोलन को कर्मचारियों और अधिकारियों का मिल रहा समर्थन
महासंघ ने बताया कि, उसकी मांगों को लेकर पहले से चरणबद्ध आंदोलन जारी है। पहले चरण में 1 से 30 जून तक पूरे प्रदेश में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जबकि दूसरे चरण में 1 से 9 जुलाई तक क्षेत्रीय मुख्यालयों और उत्पादन केंद्रों पर आमसभा, प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संगठन का दावा है कि, इस आंदोलन को कर्मचारियों और अधिकारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
मांग पूरी नहीं होने पर 17 अगस्त को करेंगे आंदोलन
मुख्यमंत्री से सकारात्मक चर्चा के बावजूद महासंघ ने स्पष्ट किया है कि, जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने 10 जुलाई को रायपुर स्थित पावर कंपनी मुख्यालय डंगनिया में विशाल आमसभा, आक्रोश प्रदर्शन और चेतावनी ज्ञापन देने की घोषणा की है। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होतीं तो 17 अगस्त से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। महासंघ ने सभी बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों से आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है।
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Uma Ghritlahare

