
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कांग्रेस नेता सैय्यद सऊद हसन ने ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद अमांडा हैक से मुलाकात कर यूनाइटेड किंगडम में रह रहे भारतीयों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में विशेष रूप से नई इमिग्रेशन नीतियों के कारण भारतीय छात्रों, पेशेवरों और कामगारों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से बातचीत हुई।
नई इमिग्रेशन नीति पर जताई चिंता
सैय्यद सऊद हसन ने कहा कि ब्रिटेन सरकार की हालिया इमिग्रेशन नीतियों का सबसे अधिक असर भारतीय छात्रों और स्किल्ड प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, स्किल्ड वर्कर वीज़ा के लिए पात्र नौकरियों की सूची सीमित किए जाने से मध्यम कौशल वाले कई रोजगार बाहर हो गए हैं, जिससे भारतीय युवाओं के अवसर प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेजुएट (पोस्ट-स्टडी वर्क) वीज़ा की अवधि कम किए जाने से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के पास नौकरी तलाशने के लिए पहले की तुलना में कम समय बचता है।
बढ़ती फीस और सख्त नियमों का भी उठाया मुद्दा
बैठक के दौरान सऊद हसन ने इमिग्रेशन शुल्क, इमिग्रेशन स्किल्स चार्ज, वेतन सीमा (Salary Threshold), स्थायी निवास (Permanent Residency) की पात्रता अवधि और अंग्रेजी भाषा संबंधी नियमों को अधिक सख्त किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इन बदलावों से भारतीय परिवारों, छात्रों और नियोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक बोझ पड़ सकता है।
भारत-यूके संबंधों का दिया हवाला
सैय्यद सऊद हसन ने भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए ब्रिटिश सरकार से आग्रह किया कि भारतीय समुदाय की वास्तविक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नई नीतियों की पुनर्समीक्षा की जाए।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी हुई चर्चा
बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी विचार-विमर्श हुआ। सऊद हसन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर समाधान तलाशने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारतीय समुदाय की आवाज उठाने का आग्रह
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सैय्यद सऊद हसन ने कहा कि इन नीतियों का व्यक्तिगत रूप से उन पर प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन ब्रिटेन में रह रहे और भविष्य में शिक्षा, रोजगार या व्यवसाय के लिए जाने वाले हजारों भारतीयों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
उन्होंने सांसद अमांडा हैक से अनुरोध किया कि वे भारतीय समुदाय की चिंताओं को ब्रिटिश संसद और संबंधित सरकारी मंचों पर उठाएं। अमांडा हैक ने इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और भारत-ब्रिटेन के मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
Vipin Tiwari

