
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को दतिया में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एक साथ नजर आए।
हालिया राजनीतिक बयानबाजी के बाद दोनों नेताओं की साझा मौजूदगी से पार्टी एकजुटता का संदेश दे रही है। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति का संदेश दिया गया, वहीं संकेत मिले कि पार्टी जल्द ही प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कार्यक्रम स्थल पर घंटों देरी पहुंचे लेकिन इसके बावजूद यहां लोगों की भारी भीड़ इकठ्ठा थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने जीतू पटवारी समेत दिग्विजय सिंह का गर्मजोशी से स्वागत भी किया। दतिया पहुंचे दोनों नेताओं की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल है।
कार्यकर्ताओं के साथ बैठे वरिष्ठ नेता
दतिया में आयोजित इस कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह समेत जीतू पटवारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठे दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने कई स्थानीय नेताओं से मुलाकात भी की है। माना जा रहा है कि, सम्मलेन के बाद कांग्रेस दतिया में प्रत्याशी घोषित कर सकती है। इस सीट को लेकर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता दावा कर रहे हैं।
दतिया में किसे प्रत्याशी बनाएगी कांग्रेस
बताया जा रहा है कि, राजेंद्र भारती के परिजन भी टिकट के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं। कोंग्रस के जिला अध्यक्ष समेत पूर्व विधायक भी टिकट के लिए कतार में हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि, आखिर दतिया के लिए कांग्रेस किसे अपना प्रत्याशी बनाएगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का शेड्यूल
- अधिसूचना (Gazette Notification) जारी होगी - 6 जुलाई 2026 (सोमवार)
- नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि - 13 जुलाई 2026 (सोमवार)
- नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) - 14 जुलाई 2026 (मंगलवार)
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि - 16 जुलाई 2026 (गुरुवार)
- मतदान (Polling) - 30 जुलाई 2026 (गुरुवार)
- मतगणना (Counting) - 3 अगस्त 2026 (सोमवार)
- निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने की तिथि - 4 अगस्त 2026 (मंगलवार)
क्यों हो रहे हैं दतिया में उपचुनाव
दरअसल, कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती पिछले विधानसभा चुनाव (2023) में दतिया से जीते थे। उन्होंने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को हराया था। वित्तीय घोटाले से संबंधित मामले में उन्हें सजा हुई थी जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई थी।
तीन साल की हुई थी सजा
कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती पर आरोप लगा था कि, बैंक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले के जरिए धन का दुरुपयोग किया। इस मामले में अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
हाई कोर्ट ने नहीं दी थी कोई राहत
निचली अदालत के इस फैसले के बाद भारती ने हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने सजा पर रोक लगाने और जमानत देने की मांग की थी लेकिन हाईकोर्ट ने तुरंत कोई राहत देने के बजाय मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी थी।
दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी। हाईकोर्ट में ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था।
गुरजीत कौर

