Delhi Finance Department Transfer: दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को और भी मजबूत करने की दिशा में वित्त एवं लेखा विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है।
स्थानांतरण एवं पदस्थापन नीति के तहत 5 साल या उससे ज्यादा एक ही जगह पर काम करने वाले 52 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया गया है। ट्रांसफर अधिकारियों में 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 सीनियर लेखाधिकारी शामिल हैं।
इसके साथ ही विभाग में कार्यकुशल अधिकारियों को जिम्मेदारी का दायरा बढ़ाते हुए 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) का प्रमोशन करके डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया गया है। सीएम रेखा गुप्ता के पारदर्शी और जवाबदेह शासन के संकल्प के तौर पर किए गए फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना, वित्तीय प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाना और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गतिशीलता सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों का प्रमोशन किया गया
नई व्यवस्था के मुताबिक, दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले 19 सीनियर लेखा अधिकारियों को उनकी बेहतर सेवाओं के लिए डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स के पद पर प्रमोट किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश के अनुसार कार्यप्रणाली को और ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर्स को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही हो
सीएम रेखा गुप्ता ने साफ तौर पर कहा है कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्च मानकों पर खरा उतरे, उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में किसी भी लेवल पर शिथिलता, लापरवाही या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।
वित्त एवं लेखा विभाग में किया गया यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल इसी सोच का हिस्सा है।
सरकार का कहना है कि समयबद्ध निर्णय, प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेह प्रशासन से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में और भी ज्यादा गति आएगी, और जनता को सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। इसी कड़ी में सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन जगहों पर कार्यभार ग्रहण कर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
उषा परेवा

