Eye Infection: मौसम में बदलाव होने पर अक्सर शरीर सीजनल डिजीज का शिकार होने लगता है। आंखों में संक्रमण भी इस दौरान काफी होता है। आंखों में इन्फेक्शन होने पर उसमें लालीमा आने के साथ ही काफी जलन भी होने लगती है।
आंखों में संक्रमण के दौरान अगर लापरवाही की जाए तो कई बार ये आई हेल्थ के लिए बड़ा नुकसानदायक हो सकता है।
आंखों का संक्रमण सामान्य तौर पर सामान्य खुजली और जलन के साथ शुरू होता है। आई सर्जन डॉ. प्रदीप गोयल के मुताबिक आई इन्फेक्शन के दौरान की गईं कुछ गलतियां समस्या को और भी बढ़ा सकती हैं।
इन गलतियों को करने से बचें
पब्लिक प्लेस - आपकी आंखों का संक्रमण अगर शुरुआती स्टेज पर ही है तो सार्वजनिक जगहों पर जाने से दूरी बना लें। बहुत जरूरी होने पर आंखों में काला या रंगीन चश्मा पहनकर ही बाहर निकलें। बाहरी लोगों से हाथ मिलाने से या उन्हें छूने से बचें।
आंखों को न छुएं - आंखों का संक्रमण उन्हें बार-बार छूने से तेजी से बढ़ता है और इससे दूसरों को भी आई इंफेक्शन होने का रिस्क बढ़ता है। आंखों में दिक्कत शुरू होने पर बार-बार आंखों पर हाथ लगाने से बचें।
बार-बार हाथ धोएं - आंखों का संक्रमण होने पर बार-बार हाथ धोने की आदत डाल लें। हर घंटे एक बार हाथ जरूर धोएं। ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम सैनिटाइज़र का एक घंटे में एक बार इस्तेमाल कर लें। ना चाहते हुए भी कई बार आंखों पर हाथ लग जाता है। हाथ अगर क्लीन रहेंगे तो संक्रमण ज्यादा नहीं बढ़ सकेगा।
आंख धोएं, मलें नहीं - आंखों का इंफेक्शन होने के बाद सबसे जरूरी है कि उन्हें समय समय पर साफ पानी से धोते रहें। इससे आंख की गंदगी साफ होगी। इसके अलावा आई वाइप्सल भी यूज कर सकते हैं। नियमित आई ड्रॉप्स डालते रहें और गलती से भी आंखों को नहीं मलें।
तौलियां, कपड़े शेयर न करें - आंखों का संक्रमण काफी तेजी से फैलता है। घर में अगर किसी एक सदस्य को आई इंफेक्शन हो जाए तो लगभग सभी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसीलिए संक्रमित व्यक्ति को अपना तौलिया, चादर, चश्मा या तकिया किसी दूसरे से शेयर नहीं करना चाहिए।

