
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET-2026) के दूसरे दिन रविवार को आयोजित हुई परीक्षा में भारी अव्यवस्था और प्रश्नपत्रों में त्रुटियों का मामला सामने आया है। सुबह की शिफ्ट में लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बोर्ड की तैयारी पर गंभीर सवाल उठाए।
परीक्षा केंद्रों से बाहर आई महिला कैंडिडेट दीक्षा और कायनात अंसारी (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि शनिवार की ही तरह रविवार के प्रश्नपत्रों में भी ढेरों गलतियां थीं। वहीं, हरियाणा में मॉनसून की पहली जोरदार बारिश ने भी अभ्यर्थियों की जमकर परीक्षा ली। झज्जर में परीक्षा केंद्रों के बाहर घुटनों तक पानी जमा होने से अभ्यर्थियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
पेज नंबरों की गड़बड़ी और गणित के सवालों में भाषाई अंतर
सोनीपत की रहने वाली अभ्यर्थी सुमन ने प्रश्नपत्र की एक बड़ी लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि अलग-अलग पृष्ठों पर एक जैसे नंबर छपे हुए थे।
आखिरी पेज पर जहां सवाल नंबर 146 होना चाहिए था, वहां दोबारा 126 अंकित कर दिया गया। इसी वजह से परीक्षार्थी असमंजस में पड़ गए कि वे ओएमआर शीट पर 146 नंबर का गोला भरें या 126 का। मुस्तफाबाद से परीक्षा देने आईं शिल्पा ने बताया कि प्रश्न संख्या 78 मिसप्रिंट थी, जिसमें 'पाई का मान हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बिल्कुल अलग-अलग दिया हुआ था। इतने बड़े स्तर की परीक्षा में इस प्रकार की प्रिंटिंग मिस्टेक्स होने से परीक्षार्थियों का काफी कीमती समय बर्बाद हुआ।
झज्जर में घुटनों तक पानी में डूबे सेंटर
झज्जर जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक इंतजामों की पोल खोल दी। परीक्षा केंद्रों के मुख्य गेट के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। मजबूरी में अभ्यर्थियों को इसी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा। इस दौरान पानी के तेज बहाव के कारण एक महिला अभ्यर्थी संतुलन खोकर गिरते-गिरते बची, जिसे पास खड़े एक युवक ने वक्त रहते संभाल लिया। यही नहीं, परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के परिजनों के बैठने के लिए जो टेंट और पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी, वह भी पूरी तरह जलमग्न हो गई। भारी बारिश के चलते लोग भीगते हुए सुरक्षित स्थानों की तलाश में भागते नजर आए और खाली पड़े पानी के कैंपर सड़क पर तैरते दिखे।
हादसे के बाद छूटा एग्जाम
• हिसार में देवदूत बनी पुलिस (ERV): लितानी निवासी नवीन सुबह बाइक पर अपनी बहन को परीक्षा दिलाने जा रहा था, तभी एक कार ने उसे टक्कर मार दी। एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV-323) के एएसआई रणजीत सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल भाई को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, वहीं एक अन्य हादसे में पीड़ित महिला अभ्यर्थी को समय पर गंगवा स्थित एग्जाम सेंटर छोड़कर उसका साल खराब होने से बचाया। कैथल में भी देरी से पहुंची तीन महिला अभ्यर्थियों को पुलिस ने पीसीआर गाड़ी में बैठाकर सेंटर तक पहुंचाया।
• फतेहाबाद में पलटी कार, छात्रा का सपना टूटा: जाखल क्षेत्र के दीवाना गांव के पास सुबह करीब 8 बजे एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में हरविंदर सिंह अपनी बहन बलविंदर कौर को फतेहाबाद परीक्षा दिलाने ले जा रहा था। इस हादसे में दोनों भाई-बहन गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके कारण छात्रा परीक्षा देने से वंचित रह गई।
बाल खुलवाए, कलावा कटवाया और उतरवाए जूते-कंगन
परीक्षा केंद्रों पर इस बार सुरक्षा और चेकिंग के बेहद सख्त नियम दिखाई दिए। सुबह आठ बजे से ही कड़े पहरे के बीच एंट्री शुरू हुई। नकल रोकने के नाम पर महिला अभ्यर्थियों के कंगन, कुंडल, अंगूठी जैसी ज्वेलरी उतरवाई गईं। कई सेंटर्स पर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं के बाल तक खुलवाकर गहनता से जांच की गई। लड़कों के जूते बाहर ही उतरवा दिए गए।
रेवाड़ी और अन्य केंद्रों पर अभ्यर्थियों को अपने हाथों में बंधा धार्मिक कलावा (मौली) तक ब्लेड से काटना पड़ा। देरी से दौड़ते-भागते पहुंचे कुछ अभ्यर्थियों को गेट बंद होने के बावजूद मानवीयता के आधार पर एंट्री दे दी गई। इसके बाद, दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे की शिफ्ट में लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा संपन्न हुई, जिसमें करीब 41,062 अभ्यर्थी शामिल हुए।
आनंद नायक

