Hemant Soren: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस घटना पर पड़ोसी राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की तीखी आलोचना की है।
लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ और प्रगतिशील लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा, डर और हमलों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन से मांग की कि इस कायराना हरकत में शामिल दोषियों के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
वैचारिक मतभेद मंजूर, मगर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं
सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक और स्वागत योग्य है। लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या विरोध का जवाब कभी भी शारीरिक हिंसा, गुंडागर्दी या खौफ का माहौल बनाकर नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का एकमात्र समाधान केवल तर्क, स्वस्थ संवाद और जनमत ही हो सकते हैं।
मुश्किल वक्त में साथ खड़े होने पर अभिषेक बनर्जी ने जताया आभार
झारखंड के मुख्यमंत्री के इस बयान पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुश्किल घड़ी में समर्थन देने के लिए सीएम हेमंत सोरेन का सहृदय आभार व्यक्त किया। बनर्जी ने कहा कि इस तरह का एकजुट समर्थन उन्हें धमकियों और हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखने की नई ताकत देता है।
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी ने इस हमले के पीछे बड़ी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह घटना विपक्ष को डराने-धमकाने का एक प्रयास है, जिसमें सरकार प्रायोजित और केंद्र सरकार के समर्थन के साफ लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि जब सरेआम ऐसी घटना हो और प्रशासन मूकदर्शक बना रहे, तो यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लोकतंत्र पर जानबूझकर किया गया आघात है।
डराने की राजनीति के आगे नहीं झुकेंगे
सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने संदेश के अंत में स्पष्ट किया कि वे इस तरह की डराने वाली हरकतों के आगे घुटने टेकने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि वे जनता के अधिकारों के लिए मजबूती से मैदान में खड़े रहेंगे और एक ऐसे भारत के लिए संघर्ष जारी रखेंगे जहां लोकतंत्र भय और लाठी-डंडे की राजनीति पर फतह हासिल करे।
Vishal

