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Holi Murder Case Delhi: तरुण को न्याय दिलाएंगे, लोगों की इस मांग पर SIT को सौंपी उत्तम नगर हत्याकांड की जांच

Holi Murder Case Delhi: तरुण को न्याय दिलाएंगे, लोगों की इस मांग पर SIT को सौंपी उत्तम नगर हत्याकांड की जांच

Uttam Nagar Murder Case: राजधानी दिल्ली में होली के दिन उत्तम नगर में तरुण नाम के शख्स की हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया गया है। यह टीम इस केस का चार्ज उत्तम नगर थाना पुलिस से लेगी।

होली की रात दक्षिणी दिल्ली में 2 परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी और इसी लड़ाई के दौरान तरुण को गंभीर चोट आई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह मात्र एक गुब्बारे के पानी को लेकर विवाद हुआ था।

पुलिस इस मामले में अभी तक लगभग 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 2 आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह घटना 4 मार्च को हुई थी, जहां पानी से भरे गुब्बारे को लेकर हुए विवाद में एक 26 साल के युवक तरुण कुमार की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, 6 साल की बच्ची तरुण के घर की छत से पानी के गुब्बारे फेंक रही थी, जो वहां से निकल रही सायरा नाम की महिला के ऊपर गिर गया।

इसके बाद दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि इस मामले से अनजान तरुण जब अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घर आ रहा था तो इसी दौरान 15 से 20 लोग उस पर टूट पड़े और उसे बुरी तरह से पीट-पीटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि आनन-फानन में इलाज के लिए उसे नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

आरोपी के घर पर चला बुलडोजर

इस वारदता के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम के द्वारा मुख्य आरोपी के तीन मंजिला मकान के एक हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता उत्तम नगर पहुंचे लेकिन पुलिस ने किसी को पीड़ित परिवार के घर तक जाने की अनुमति नहीं दी। वहीं, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्यवाही का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। साथ ही, आरोपियों के परिजनों ने सुरक्षा भी मांगी थी।

एमसीडी ने अदालत को भरोसा दिया कि आरोपियों के घर पर विध्वंस कार्यवाही नहीं की जाएगी। अदालत ने आरोपियों को मामले पर नए सिरे से याचिकाएं दाखिल करने को कहा है क्योंकि घरों पर विध्वंस कार्रवाई और सुरक्षा की मांग, अलग-अलग मुद्दा है। इस पर आरोपियों के वकील ने याचिकाएं वापस लेने का आग्रह किया था, जिसके चलते माननीय उच्च अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया।

Narendra Kumar

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