चिराग उपाध्याय - केशकाल। कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड स्थित होन्हेड़ (होनहेड) जलप्रपात इन दिनों मानसून की बारिश के बाद अपने पूरे सौंदर्य के साथ पर्यटकों का स्वागत कर रहा है। लगभग 80 फीट की ऊंचाई से गिरती जलधारा, घने जंगल और प्राकृतिक वातावरण इस स्थल को मानसून सीजन का प्रमुख आकर्षण बना रहे हैं।
80 फीट ऊंचाई से गिरती जलधारा का अद्भुत नजारा
लगातार हो रही बारिश से होन्हेड़ जलप्रपात का जलस्तर बढ़ गया है। ऊंचाई से गिरती पानी की तेज धार और आसपास फैली हरियाली इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और भी आकर्षक बना रही है। यही वजह है कि यहां रोज बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बारहमासी कटुलकासा जलप्रपात तक पहुंचने के लिए होन्हेड़ ग्राम पंचायत से करीब एक किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में घने पेड़, विशाल चट्टानें और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को रोमांच का अनूठा अनुभव कराते हैं।

फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों की पसंद
मानसून के दौरान स्थानीय और दूसरे जिलों से आने वाले पर्यटक जलप्रपात की खूबसूरती का आनंद लेने के साथ-साथ फोटोग्राफी भी कर रहे हैं। प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद करने के लिए यह स्थान प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अपने मित्रों के साथ जलप्रपात घूमने पहुंचे नीरज अग्निहोत्री ने कहा कि यदि यहां सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पेयजल, पार्किंग और दिशा-निर्देश संबंधी संकेतक विकसित किए जाएं तो होन्हेड़ जलप्रपात क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने पर्यटकों से बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जलप्रपात के किनारे या तेज बहाव वाले जोखिमभरे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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मुस्कान लोहिया

