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इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ी खबर: भारत के ई-हाईवे पर अब एआई रखेगा नजर, नेत्राडाइन और एनएचईवी ने मिलाया हाथ

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ी खबर: भारत के ई-हाईवे पर अब एआई रखेगा नजर, नेत्राडाइन और एनएचईवी ने मिलाया हाथ

India e-highway network: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एआई आधारित फ्लीट सुरक्षा तकनीक की दिग्गज कंपनी 'नेत्राडाइन' (Netradyne) ने 'नेशनल हाईवे इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोग्राम' (NHEV) के साथ हाथ मिलाया है।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत के उभरते इलेक्ट्रॉनिक हाईवे नेटवर्क को एक स्मार्ट 'डिजिटल इंटेलिजेंस लेयर' प्रदान करना है, जिससे लंबी दूरी का इलेक्ट्रिक सफर न केवल आसान, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगा।

कैसे काम करेगी नेत्राडाइन की एआई तकनीक?
एनएचईवी द्वारा संचालित ई-हाईवे कॉरिडोर पर चलने वाले सभी कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों में नेत्राडाइन के उन्नत एआई-पावर्ड समाधान लगाए जाएंगे। यह सिस्टम रियल-टाइम में फ्लीट की निगरानी करेगा। इसकी प्रमुख विशेषताओं में ड्राइवर के व्यवहार का विश्लेषण, संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान और परिचालन की मॉनिटरिंग शामिल है। यह तकनीक ड्राइवर की थकान और असुरक्षित ड्राइविंग आदतों को भांपकर दुर्घटनाओं को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

ई-हाईवे: भारत की आर्थिक तैयारी का आधार
एनएचईवी के प्रोग्राम डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा ने इस साझेदारी को भारत की आर्थिक मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि यह ई-हाईवे नेटवर्क केवल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य एक ऐसा भरोसेमंद मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करना है, जो संकट के समय या वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियों में भी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित कर सके। 2027 तक 26 प्रमुख हाईवे कॉरिडोर को इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

फ्लीट ऑपरेटरों और ड्राइवरों को मिलेगा लाभ
नेत्राडाइन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दुर्गादत्त नेदुंगाडी ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना है। एआई के माध्यम से वाहन संबंधी समस्याओं और ड्राइवर की सुरक्षा पर बारीक नजर रखी जाएगी। यह सहयोग न केवल फ्लीट ऑपरेटरों के लिए परिचालन में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि वित्तीय संस्थानों का इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा भी बढ़ाएगा। इससे इलेक्ट्रिक माल परिवहन अधिक लाभदायक और टिकाऊ बन सकेगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय के विजन को मजबूती
यह पहल भारत सरकार के उस व्यापक विजन का समर्थन करती है, जिसमें परिवहन, दूरसंचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ एकीकृत करने की योजना है। यह मॉडल 'ग्रुप ऑफ ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स' (GTE) के लिए नीतिगत सुझाव तैयार करने में भी सहायक होगा। कुल मिलाकर, यह साझेदारी भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा में एक स्मार्ट और सुरक्षित अध्याय की शुरुआत है, जो भविष्य के माल परिवहन को बड़े पैमाने पर सफल बनाने की नींव रखेगी।

सुमित कुमार

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Haribhoomi