भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बनी रह सकती। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी BCG की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट 2026 में बड़ा दावा किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा नई वित्तीय संपत्ति जोड़ सकता है। उभरते बाजारों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की कुल वित्तीय संपत्ति 2025 में 10.7% बढ़कर रिकॉर्ड 333 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। अगर रियल एसेट्स को भी जोड़ दिया जाए तो वैश्विक संपत्ति का आंकड़ा 550 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचता है। हालांकि विकसित देश अभी भी कुल संपत्ति में आगे हैं, लेकिन असली तेजी अब उभरते बाजारों में देखने को मिल रही।
बीसीजी का अनुमान है कि चीन को छोड़कर उभरते बाजार 2030 तक वैश्विक वित्तीय संपत्ति में करीब 12 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देंगे। इसमें भारत सबसे आगे रहेगा। भारत के बाद ब्राजील करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और मेक्सिको लगभग 600 बिलियन डॉलर की नई संपत्ति जोड़ सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अमीर और हाई नेटवर्थ वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही। आने वाले वर्षों में इन देशों में हर साल औसतन 8% की दर से संपन्न वर्ग बढ़ेगा। इससे 2030 तक 10 लाख से ज्यादा नए डॉलर मिलियनेयर बनने की उम्मीद है।
हालांकि रिपोर्ट ने एक बड़ी चुनौती की तरफ भी इशारा किया। इसमें कहा गया है कि भारत जैसे देशों में अमीर वर्ग का बड़ा हिस्सा अभी भी अपना पैसा कम रिटर्न देने वाले बैंक डिपॉजिट्स में रखता है। उन्हें बेहतर निवेश सलाह और आधुनिक वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं अभी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही हैं।
रिपोर्ट में एशिया की बढ़ती ताकत का भी जिक्र किया गया है। हांगकांग पहली बार स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा क्रॉस-बॉर्डर वेल्थ सेंटर बन गया है। वहीं सिंगापुर भी तेजी से मजबूत हो रहा है।
बीसीजी ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल सकता है। AI अब फाइनेंशियल प्लान तैयार करने, निवेश सलाह देने, कंप्लायंस संभालने और ग्राहकों को पर्सनलाइज्ड सर्विस देने में इस्तेमाल हो रहा है। AI अपनाने वाली कंपनियों में सलाहकारों की क्षमता 25-30% तक बढ़ी है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के रिटेल बैंक इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें डिजिटल वेल्थ प्लेटफॉर्म, बेहतर सलाहकारी सेवाओं और नई टेक्नोलॉजी में तेजी से निवेश करना होगा।
(प्रियंका कुमारी)
हरिभूमि बिज़नेस डेस्क

