
इंदौर में गैंगरेप और अपहरण की एक सनसनीखेज शिकायत ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। हालांकि कुछ ही घंटों की जांच, CCTV फुटेज और पूछताछ के बाद पूरा मामला उलट गया। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्रा कोचिंग बंक कर अपने प्रेमी के साथ होटल गई थी और घर देर से पहुंचने पर डांट से बचने के लिए उसने झूठी कहानी गढ़ ली।
देर रात मचा हड़कंप
बुधवार देर रात शिप्रा थाने में 17 वर्षीय छात्रा ने पहुंचकर दहलाने वाली शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि राजगृह कॉलोनी क्षेत्र से कार सवार अज्ञात युवकों ने उसका अपहरण कर लिया, गैंगरेप किया और बाद में बायपास क्षेत्र में फेंककर फरार हो गए। सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस अलर्ट हो गई। छात्रा के परिजन भी थाने पहुंच गए। पुलिस की टीमें तुरंत जांच में जुट गईं।
सीसीटीवी ने खोल दिया राज
तिलक नगर थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस ने सबसे पहले छात्रा के बताए रूट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज देखते ही चौंकाने वाली सच्चाई सामने आ गई। छात्रा कोचिंग क्लास (बंगाली चौराहा) से बंक मारकर अपने दोपहिया वाहन से खुद विजय नगर क्षेत्र पहुंची थी। वहां वह कुछ देर रुकी और फिर अपने प्रेमी के साथ होटल पहुंच गई। शाम तक दोनों साथ रहे। बाद में प्रेमी अपने घर चला गया और छात्रा बायपास की ओर निकल गई।
डांट से बचने के लिए बनाया बड़ा ड्रामा
छात्रा ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने हाथ पर हल्के कट भी लगा लिए थे और बताया कि अपहरणकर्ताओं से संघर्ष में चोटें आई हैं। लेकिन जांच ने सब कुछ उजागर कर दिया।पुलिस की टीम ने छात्रा के प्रेमी अंश (मेडिकल शॉप पर काम करता है) को हिरासत में लिया।
पूछताछ में अंश ने कबूल किया कि दोनों पहले से रिश्ते में थे और कई बार मिल चुके हैं। बुधवार को भी दोनों होटल में काफी देर तक साथ रहे। घर लेट होने पर परिवार की डांट का डर था, इसलिए छात्रा ने यह झूठी कहानी गढ़ ली।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, झूठी शिकायतें न केवल जांच एजेंसियों का समय और संसाधन प्रभावित करती हैं, बल्कि वास्तविक पीड़ितों के मामलों पर भी असर डाल सकती हैं।
भरत श्रीवास्तव

