
कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई हफ्तों से जारी भारी सियासी सस्पेंस और ड्रामे का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) भूमि आवंटन घोटाले में चौतरफा घिरे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
गुरुवार सुबह अपने आवास पर कैबिनेट मंत्रियों के साथ की गई 'ब्रेकफास्ट मीटिंग' के बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे।
चूंकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत एक पारिवारिक इमरजेंसी के चलते सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे, इसलिए सिद्धारमैया ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्यपाल के मुख्य सचिव को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंप दिया।
'आलाकमान ने जो कहा वो मैंने किया' - इस्तीफे के बाद बोले सिद्धारमैया
अपना इस्तीफा सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए सिद्धारमैया बेहद गंभीर और भावुक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "पार्टी आलाकमान ने मुझसे जो भी कहा, मैंने उसका अक्षरशः पालन किया है। मैं संगठन के हितों और सरकार की छवि को किसी भी कानूनी विवाद की वजह से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।"
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने राजभवन जाने से पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से फोन पर लंबी बातचीत की थी, जिसके बाद ही इस इस्तीफे पर अंतिम मुहर लगी। राज्यपाल कार्यालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नई वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद संभालने का अनुरोध किया है।
डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, शाम को सीएलपी की बैठक
सिद्धारमैया के आधिकारिक इस्तीफे के साथ ही कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी को लेकर सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। साल 2023 में सरकार गठन के समय तय हुए 'पावर शेयरिंग फॉर्मूले' के तहत उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का अगला मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। बेंगलुरु में डीके शिवकुमार के समर्थकों ने जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है।
नए नेता के नाम पर औपचारिक मुहर लगाने और प्रस्ताव पास करने के लिए आज शाम को बेंगलुरु के एक निजी होटल में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे।
राज्यसभा के रास्ते दिल्ली शिफ्ट होंगे सिद्धारमैया, संगठन में मिलेगी बड़ी भूमिका
कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया के राजनीतिक रसूख और क्षेत्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष एग्जिट प्लान तैयार किया है। इसके तहत आगामी 8 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में सिद्धारमैया को कर्नाटक से संसद भेजने की पूरी तैयारी है।
पार्टी उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में शामिल कर देश भर में पार्टी का सबसे बड़ा और सम्मानित ओबीसी चेहरा बनाकर पेश करेगी। हाईकमान चाहता है कि सिद्धारमैया राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति को धार दें, जिससे साल 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विपक्ष के नैरेटिव को मजबूत किया जा सके।
अभिषेक यादव

