बिलासपुर। बिलासपुर संभाग में खाद संकट की स्थिति है। कृषि प्रधान जांजगीर चांपा जिले में खरीफ फसल के लिए निर्धारित लक्ष्य से आधे खाद का भी भंडारण नहीं हो पाया है, दूसरी ओर खाद की कमी और पंजीकृत रकबे के अनुसार ही वितरण के नए नियम ने इसकी कालाबाजारी बढ़ा दी है।
हालांकि सरकार का सख्त रवैया है। विभाग द्वारा गठित टीम ने खाद के अवैध भंडारण और अन्य नियमों के उल्लंघन को लेकर आधा सैकड़ा से अधिक कार्रवाई भी की है।
रबी फसल की कटाई पूरी होने के साथ ही जिले में खरीफ फसल की तैयारी को लेकर किसान जुट गए हैं इसके साथ ही खाद की ब्लैक मार्केटिंग का धंधा भी शुरू हो गया है। दर असल जिले में अभी तक खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई है। बताया जाता है कि यहां 39 हजार 200 मैट्रिक टन खाद बांटने का टारगेट मिला है, जिसके तहत अब तक 45 फीसदी खाद का भंडारण समितियां में हो पाया है वही अभी 55 फीसदी का भंडारण किया जाना बाकी है। इस संबंध में जिला सहकारी बैंक जांजगीर चांपा के नोडल अफसर अमित साहू का कहना है कि सेवा सरकारी समितियां में 45 फीसदी खाद का भंडारण पूरा कर लिया गया है, वही अभी 55 फीसदी भंडारण बाकी है, जिसका भंडारण समय रहते हो जाएगा।
बारिश के बाद खाद के लिए मचेगी हाहाकार
रायगढ़ जिले में इस बार खाद के लिए मारामारी मचने वाली है। कारण मानसून नजदीक है लेकिन खाद का भंडारण अब तक केवल 47 फीसदी ही हो सका है। ऐसे में यदि दो चार दिन में बारिश हुई तो किसानों को खाद के लिए परेशानी हो सकती है। जिले में इस साल यूरिया, डीएपी समेत अन्य खाद का टारगेट 32 हजार 400 एमटी है। अब तक भंडारण 15 हजार 349 एमटी हुआ है। इसमें 4 हजार 46 एमटी की बिक्री जहां हो चुकी है। वहीं 11 हजार 303 एमटी समितियों में खाद उपलब्ध है। ऐसे में यदि आंकड़ों पर गौर करें तो अभी 53 फीसदी खाद भंडारण की जरूरत है। यह सहकारी समितियों की स्थिति है। दूसरी ओर निजी खाद का टारगेट 18 हजार 100 एमटी है। इसमें 7 हजार 532 एमटी भंडारण हुआ है। वहीं 4 हजार 897 एमटी बिक्री और 2 हजार 635 एमटी निजी दुकानों में स्टॉक है।
उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण
बिलासपुर जिले में अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम सेंदरी में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी एवं लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर भंडारित पाया गया, जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण किया जाना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया है।
संभाग में लक्ष्य से आधा भंडारण, होगी मारामारी
बिलासपुर। आगामी खरीफ सीजन में खेती कार्य के लिए खाद को लेकर किसान चितित हैं। खाद का भंडारण व वितरण चालू हो गया है, फिर भी खाद को लेकर मारामारी की स्थिति है। बिलासपुर संभाग के बिलासपुर सहित जीपीएम, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा 6 जिलों में 1 लाख 62 हजार 780 मिट्रिक टन खाद की आवश्यकता है, जिसमें से 92 हजार 424 मिट्रिक टन खाद का भंडारण और 19 हजार 77 मिट्रिक टन खाद वितरण हो चुका है तथा 73 हजार 347 मिट्रिक टन खाद शेष है। इस तरह से आवश्यकता के अनुरूप भंडारण अभी कम हुआ है और वितरण बहुत ज्यादा नहीं हो पाया है। बिलासपुर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अंतर्गत बिलासपुर समेत 6 जिले आते हैं। इसमें बिलासपुर जिले में 44 हजार मिट्रिक टन खाद की आवश्यकता है, जिसमें से 27 हजार 105 मिट्रिक टन का भंडारण और 8 हजार 382 मिट्रिक टन का वितरण तथा 18723 मिट्रिक टन शेष है।
कोरबा जिला में 12 हजार 700 मिट्रिक टन खाद की आवश्यकता
पेण्ड्रा जिला में 4 हजार 8 सौ मिट्रिक टन की आवश्यकता के विरूद्ध 3 हजार 598 मिट्रिक टन भंडारण व 240 मिट्रिक टन वितरण हो चुका है। इसी प्रकार मुंगेली जिला में 33 हजार 330 मिट्रिक टन खाद की आवश्यकता के विरूद्ध 16 हजार 326 मिट्रिक टन भंडारण एवं 4 हजार 719 मिट्रिक टन वितरण हुआ है। जांजगीर जिले की बात करें तो यहां 39 हजार 200 मिट्रिक टन की आवश्यकता है जबकि भंडारण 16 हजार 182 मिट्रिक टन तथा सक्ती में 28 हजार 750 मिट्रिक टन आवश्यकता के विरूद्ध 22 हजार 129 मिट्रिक टन खाद का भंडारण और 2 हजार 124 मिट्रिक टन खाद वितरण हुआ है। कोरबा जिला में 12 हजार 700 मिट्रिक टन खाद की आवश्यकता है जिसमें से 7 हजार 84 मिट्रिक टन खाद भंडारण और 19 हजार 77 मिट्रिक टन खाद वितरण हो चुका है।
ये है रायगढ़ जिले में खाद का टारगेट
| खाद | टारगेट | भंडारण |
| यूरिया | 17500 | 9574 |
| डीएपी | 7800 | 1782 |
| एनपीके | 2500 | 2572 |
| पोटाश | 1600 | 606 |
| एसएसपी | 3000 | 1115 |
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Uma Ghritlahare

