
मिडिल ईस्ट के खाड़ी क्षेत्र में जारी राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को एक बार फिर समुद्र में बड़ी सैन्य हलचल देखने को मिली। इराक के उम्म कसर बंदरगाह के पास गहरे समुद्र में यात्रा कर रहे एक बड़े मालवाहक कार्गो जहाज पर बैक-टू-बैक दो भीषण धमाके हुए।
इस वीभत्स हमले की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर ईरान ने ले ली है।
ईरानी अधिकारियों और वहां के सरकारी मीडिया के अनुसार, उनके सुरक्षा बलों ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह के नजदीक रणनीतिक जलमार्ग में इस बड़े जहाज को अपना मुख्य निशाना बनाया है।
'सारिस्का' क्रूज मिसाइल और ड्रोन से दो बार हमला
ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की नौसेना ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने 'एमएससी सारिस्का वी' (MSC Sariska V) नाम के इस कंटेनर जहाज पर बेहद सटीक मार करने वाली क्रूज मिसाइल से हमला किया।
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसी 'यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया था कि उम्म कसर बंदरगाह से लगभग 40 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में जहाज के दाहिने हिस्से पर किसी अज्ञात गोले या मिसाइल से हमला किया गया, जिससे भयानक विस्फोट हुआ।
इसके तुरंत बाद जहाज पर दूसरा धमाका हुआ, जिसे इराकी अधिकारियों ने शुरुआती जांच में एक घातक ड्रोन हमला बताया है। यानी जहाज को पूरी तरह नेस्तनाबूत करने के लिए मिसाइल और ड्रोन दोनों का एक साथ इस्तेमाल किया गया।
ईरानी जहाज पर हमले की 'बदले की कार्रवाई'
आईआरजीसी ने इस हमले को अपनी 'बदले की कार्रवाई' करार दिया है। ईरान का दावा है कि ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना द्वारा उनके व्यापारिक जहाज 'लियान स्टार' पर किए गए आक्रामक हमले के जवाब में यह जवाबी कार्रवाई की गई है। ईरान ने दावा किया कि एमएससी सारिस्का पनामा के झंडे तले चल रहा था लेकिन इस पर 'अमेरिकी-जायोनी दुश्मन' का स्वामित्व है।
ईरान ने दो टूक चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना या उसके सहयोगियों द्वारा की जाने वाली किसी भी अगली सैन्य गतिविधि का और अधिक निर्णायक व सख्त जवाब दिया जाएगा।
आग पर काबू, चालक दल सुरक्षित
मिसाइल और ड्रोन के इस दोहरे घातक हमले के तुरंत बाद कार्गो जहाज पर भीषण आग लग गई, जिससे समुद्र के बीचों-बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों और जहाज की आपातकालीन टीम की मुस्तैदी के चलते समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे में जहाज पर मौजूद चालक दल के किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं।
प्रारंभिक नुकसान के आकलन के बाद जहाज अपनी अगली मंजिल की ओर रवाना होने में सक्षम रहा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह कोई बाहरी हमला था या उम्म कसर पर माल उतारने के बाद जहाज के आंतरिक मैकेनिज्म में आई कोई खराबी।
अभिषेक यादव

