
देशभर में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही आफत की बारिश का दौर शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, सूरत, मुंबई, गुजरात और केरल समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है।
लगातार हो रही इस बारिश के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से जानमाल के नुकसान और इमारतों के ढहने जैसी बेहद दुखद खबरें सामने आ रही हैं।
महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश के बाद एक विशाल कचरे का ढेर पास की तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे करीब 16 लोग मलबे में दब गए, जिनमें से 7 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं दिल्ली के रोहिणी इलाके में भी एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
दिल्ली में सीजन की सबसे भारी बारिश, मयूर विहार और पूसा में रिकॉर्ड जलभराव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार रात और गुरुवार सुबह मानसून की सबसे भीषण बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के मयूर विहार इलाके में सबसे ज्यादा 102 मिमी, पूसा में 83 मिमी, लोधी रोड में 80 मिमी और सफदरजंग मौसम केंद्र पर 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इस भारी बारिश के कारण दिल्ली के सदर बाजार, नासिरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा और कुशक रोड पूरी तरह जलमग्न हो गए। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर धौला कुआं व महिपालपुर के पास जलभराव और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ियों की रफ्तार थमी रही और लंबा जाम लगा रहा।
मुंबई में लोकल ट्रेनें 30 मिनट लेट, पानी से लबालब भरीं तुलसी और विहार झीलें
आर्थिक राजधानी मुंबई में भी एक संक्षिप्त राहत के बाद भारी बारिश और गरज-चमक का दौर फिर लौट आया है। इस मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं, जिससे दफ्तर जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते मुंबई आने वाली कम से कम 9 फ्लाइट्स को नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, एक सकारात्मक अपडेट यह है कि भारी बारिश के कारण मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों में शामिल विहार झील के बाद अब 'तुलसी झील' भी अपने जलग्रहण क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते ओवरफ्लो होने लगी है।
गुजरात के सूरत में 358 मिमी बारिश से बाढ़, वायनाड में टनल हादसा और वैष्णो देवी ट्रैक पर भूस्खलन
गुजरात का सूरत जिला इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है, जहां पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 358 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। शहर के पोद्दार आर्केड और वराछा समेत कई इलाकों में दुकानों और व्यावसायिक परिसरों के ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निचले इलाकों से 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
उधर, केरल के वायनाड जिले में एक टनल प्रोजेक्ट साइट पर खुदाई की गई मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढहने से हड़कंप मच गया, जहां लापता 5 लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। जम्मू-कश्मीर में भी त्रिकूट पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी ट्रैक के पास हिमकोटी में भूस्खलन हुआ है, जिसके बाद एहतियातन बैटरी कार सेवा को बंद कर दिया गया है, हालांकि पैदल यात्रा अब भी सुचारू रूप से जारी है।
अभिषेक यादव

