Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Myanmar Blast: म्यांमार में चीनी सीमा के पास भीषण धमाका, विस्फोटकों से भरी इमारत उड़ी, 55 की मौत

Myanmar Blast: म्यांमार में चीनी सीमा के पास भीषण धमाका, विस्फोटकों से भरी इमारत उड़ी, 55 की मौत

​म्यांमार के पूर्वोत्तर इलाके और चीनी सीमा के बेहद नजदीक स्थित एक गांव में रविवार दोपहर को हुए भीषण और दिल दहला देने वाले धमाके ने भारी तबाही मचाई है। खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों से भरी एक बहुमंजिला इमारत में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया।

इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह पूरी इमारत पूरी तरह से हवा में उड़ गई और ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।

म्यांमार के कई स्थानीय मीडिया संस्थानों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है।

​नामखाम टाउनशिप के कौंगटुप गांव में मलबे का ढेर बनी इमारतें
यह भीषण हादसा म्यांमार के पूर्वोत्तर क्षेत्र के नामखाम टाउनशिप के कौंगटुप गांव में रविवार दोपहर के करीब हुआ। घटना स्थल पर मौजूद एक स्थानीय बचाव कर्मी ने म्यांमार के मीडिया संस्थानों को बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी भयानक थी कि कौंगटुप गांव और उसके आसपास के करीब 100 से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

पूरी कॉलोनी में चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ इमारतों का मलबा फैला हुआ दिखाई दे रहा है। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक हुए महाविस्फोट की पुष्टि की है और कहा है कि मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने के कारण मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

विद्रोही संगठन TNLA के आर्थिक विभाग ने छिपाकर रखा था 'जेलिग्नाइट'
इस पूरी घटना के पीछे म्यांमार के सक्रिय विद्रोही संगठन ता'आंग नेशनल लिबरेशन आर्मी के अवैध हथियार और बारूद प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। टीएनएलए ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया है कि उसके आर्थिक विभाग ने खनन और पत्थर की खदानों में इस्तेमाल होने वाले बेहद शक्तिशाली विस्फोटक 'जेलिग्नाइट' को इस रिहायशी इलाके की इमारत में जमा करके रखा था।

यह इलाका वर्तमान में केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे विद्रोही गठबंधन 'थ्री ब्रदरहुड अलायंस' के सदस्य टीएनएलए के पूर्ण नियंत्रण में है, जिसने साल 2023 के अंत में म्यांमार सेना को खदेड़कर नामखाम क्षेत्र पर कब्जा जमाया था। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि जेलिग्नाइट को लंबे समय तक या उचित वैज्ञानिक तरीके से स्टोर न किया जाए, तो वह बेहद अस्थिर हो जाता है और जरा से घर्षण या तापमान से स्वतः ब्लास्ट हो जाता है।

​मलबे से अब तक 46 शव बरामद, मृतकों में 6 बच्चे शामिल
​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय विद्रोही प्रशासन और स्वयंसेवकों द्वारा चीनी सीमा से महज तीन किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस घटना स्थल पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। पहचान गुप्त रखने की शर्त पर एक मुख्य बचाव कर्मी ने बताया कि रविवार शाम तक मलबे को हटाकर 46 शवों को बाहर निकाला जा चुका था, जिनमें छह मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

अभिषेक यादव

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Haribhoomi