यशवंत गंजीर- धमतरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची को लेकर जिले में सियासत गरमा गई है। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन पर गरीबों के साथ अन्याय का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने दावा किया कि, बड़ी संख्या में वास्तविक जरूरतमंदों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जबकि अपात्र लोगों को लाभ दिया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
आवास सूची को बनाया राजनीतिक मुद्दा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी नीलम चंद्राकर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि, कुछ ग्राम पंचायतों में नियमों की अनदेखी कर पात्र हितग्राहियों को योजना से वंचित किया गया है। पार्टी ने कुरूद विकासखंड के मेडरक्का, नारधा, सेमरा और जोरातराई सहित कई पंचायतों की जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक आवास राशि के भुगतान पर रोक लगाने की मांग उठाई।

प्रशासन पर सवाल, लेकिन जांच का इंतजार
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि, जनदर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन कलेक्टर उपस्थित नहीं थे। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन की ओर से शिकायतों की जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया है।
15 दिन की चेतावनी, आगे बढ़ सकती है सियासत
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर पात्र हितग्राहियों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूची में अनियमितताओं के आरोप कितने सही हैं और कितने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा।
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Uma Ghritlahare

